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मोदी सरकार की बड़ी सफलता! गूगल, फेसबुक, ट्विटर भारत में ही रखेंगे आपका डाटा, इस शहर में बनेगा यूपी का पहला सेंटर

यूपी में उत्‍तर भारत का सबसे बड़ा डाटा सेंटर पार्क का निर्माण कार्य शुरू हो गया है. इसके बनने पर इंडियन यूजर्स को निजी डाटा चोरी होने का डर खत्‍म हो जाएगा.
यूपी में उत्‍तर भारत का सबसे बड़ा डाटा सेंटर पार्क का निर्माण कार्य शुरू हो गया है. इसके बनने पर इंडियन यूजर्स को निजी डाटा चोरी होने का डर खत्‍म हो जाएगा.

उत्‍तर प्रदेश (UP) के सीएम योगी आदित्‍यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने नोएडा (Noida) में करीब 600 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले डाटा सेंटर (Data Center) का शिलान्‍यास कर दिया है. राज्‍य सरकार के मुताबिक, इस डाटा सेंटर पार्क से 2,000 से ज्‍यादा युवाओं को सीधे रोजगार (Employment) मिलेगा. वहीं, 20,000 से ज्‍यादा लोगों को अप्रत्‍यक्ष तौर पर रोजगार मिलेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 30, 2020, 5:43 PM IST
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नई दिल्‍ली. दुनियाभर की सोशल मीडिया साइट्स (Social Media Websites) के सर्वर भारत से बाहर हैं. केंद्र सरकार इन कंपनियों पर भारतीय यूजर्स (Indian Users) का निजी डाटा भारत में ही रखने का दबाव बना रही थी. मोदी सरकार (Modi Government) को इस मामले में बड़ी सफलता मिली है. अब गूगल (Google), फेसबुक (Facebook), ट्विटर (Twitter) और अमेजन (Amazon) जैसी बड़ी कंपनियां भारत में ही अपना डाटा सेंटर्स (Data Center) बनाएंगी. इस कड़ी में उत्‍तर प्रदेश (UP) के नोएडा (Noida) में पहले डाटा सेंटर का निर्माण कार्य शुरू हो गया है. नोएडा में करीब 600 करोड़ रुपये के निवेश वाले डाटा सेंटर के शिलान्‍यास के साथ ही सीएम योगी आदित्‍यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने विदेश में डाटा रखने की निर्भरता खत्‍म करने की ओर कदम बढ़ा दिए हैं. मुंबई का हीरानंदानी समूह 20 एकड़ भूमि पर इस डाटा सेंटर को तैयार करेगा.

डाटा सेंटर से 22,000 लोगों को मिलेगा प्रत्‍यक्ष-अप्रत्‍यक्ष रोजगार
उत्‍तर प्रदेश सरकार का कहना है कि इस डाटा सेंटर पार्क से 2,000 युवाओं को प्रत्‍यक्ष रोजगार (Employment) मिल सकेगा. वहीं, उत्‍तर भारत (North India) के इस सबसे बड़े डाटा सेंटर के जरिये 20,000 से ज्‍यादा लोगों को अप्रत्‍यक्ष रोजगार और कारोबार के अवसर मिलेंगे. इस परियोजना से यूपी व अन्य जगहों पर काम कर रही आईटी कंपनियों को भी काफी मदद मिलेगी. कोरोना संकट के बीच ही डाटा सेंटर के लिए जमीन आवंटन का काम पूरा कर दिया गया था. बताया जा रहा है कि जून 2022 तक नोएडा में बन रहे इस डाटा सेंटर में काम करना शुरू हो जाएगा. सेंटर शुरू होने पर गूगल, अमेजन, फेसबुक, ट्विटर, वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम और सेंट्रल कार्ट समेत देश-दुनिया कई कंपनियां भारतीय यूजर्स का डाटा भारत में ही रखना शुरू कर देंगी.

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यूपी सरकार को मिले 10,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्‍ताव


रैक बैंक, अडानी समूह समेत कई कंपनियों ने डाटा सेंटर के क्षेत्र में 10,000 करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश का प्रस्ताव यूपी सरकार (UP Government) को दिया है. योगी सरकार ने इसको लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं. भारत में पर्याप्‍त डाटा सेंटर नहीं होने के कारण भारतीय यूजर्स का डाटा विदेश में रखा जाता है. डाटा सेंटर पार्क बनने के बाद इंडियन यूजर्स का डाटा भारत में ही सुरक्षित रखा जा सकेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की पहल पर कुछ समय से देशभर में इस तरह के डाटा सेंटर बनाने की योजना पर काम हो रहा है. कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि यह उत्‍तर भारत का सबसे आधुनिक और बड़ा डाटा सेंटर होगा. आने वाले समय में राज्‍य के दूसरे हिस्‍सों में भी ऐसे डाटा सेंटर बनाए जाएंगे.

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डाटा सेंटर का कंपनियां इस काम के लिए करती हैं इस्‍तेमाल
डाटा सेंटर नेटवर्क से जुड़े हुए कंप्यूटर सर्वर का बड़ा समूह है. कंपनियां डाटा स्‍टोरेज, प्रोसेसिंग और डिस्ट्रीब्यूशन के लिए इसका इस्‍तेमाल करती हैं. उत्‍तर प्रदेश में फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सऐप (WhatsApp), इंस्टाग्राम (Instagram), यूट्यूब (YouTube) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म के करोड़ों उपभोक्ता हैं. इन यूजर्स से जुड़ा निजी डाटा सुरक्षित रखना महंगा और मुश्किल काम होता है. इसके अलावा बैंकिंग, रिटेल बिजनेस, स्वास्थ्य सेवा, यात्रा, पर्यटन के साथ ही आधार कार्ड डाटा भी खासा अहम है. इन्‍हें भी इसी डाटा सेंटर में सुरक्षित रखा जा सकेगा.
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