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क्या मोदी सरकार करने जा रही कोरोना फंडिंग, हर व्यक्ति को देगी 1.30 लाख रुपये?

मोदी सरकार हर व्यक्ति को देगी 1,30,000 लाख रु, जानिए क्या है सच
मोदी सरकार हर व्यक्ति को देगी 1,30,000 लाख रु, जानिए क्या है सच

Whatsapp पर एक ऐसा मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि सरकार 18 साल से अधिक उम्र के सभी नागरिकों को कोरोना फंडिंग करने जा रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 24, 2020, 10:37 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना काल (Covid-19) में सोशल मीडिया पर तमाम तरह की खबरें चल रही हैं. इन खबरों में तरह-तरह के दावे भी किए जा रहे हैं. जिनसे बचने के लिए केंद्र सरकार लगातार लोगों को जागरूक भी कर रही है. इस बीच वॉट्सऐप (Whatsapp) पर एक ऐसा मैसेज सर्कुलेट हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि सरकार 18 साल से अधिक उम्र के सभी नागरिकों को कोरोना फंडिंग करने जा रही है. जिसके तहत उन्हें 1,30,000 रुपये दिए जाएंगे. लेकिन, सरकार ने पीआईबी के जरिए ट्वीट कर इस खबर को फर्जी बताया है. आइए जानते हैं इस खबर की सच्चाई...

PIB फैक्ट चेक ने दावे को बताया गलत
भारत सरकार के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पीआईबी फैक्ट चेक (PIB Fact Check) ने वॉट्सऐप पर वायरल हो रहे एक मैसेज को फर्जी बताया है. पीआईबी फैक्ट चेक ने ट्वीट कर कहा कि भारत सरकार ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है और ना ही सरकार ऐसी कोई योजना चला रही है.
इससे पहले भी कई मैसेज वायरल हुए हैं. एक ऐसे ही मैसेज में दावा किया गया है कि शिक्षा मंत्रालय ने देश भर के 50% सरकारी स्कूलों का निजीकरण करने के लिए केंद्र को सिफारिश भेजी है. केंद्र सरकार ने भी बताया उनका इस तरह का फिलहाल कोई प्लान नहीं है. इस खबर को भी पीआईबी ने फर्जी बताया है. एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कोरोना के मामलों में संभावित वृद्धि को देखते हुए देशभर में स्कूल और कॉलेजों को 31 दिसंबर तक बंद करने का आदेश दिया है.

कोरोना काल में तेजी से वायरल हो रही फेक खबरें


कोरोना काल में देशभर में जिस तरह का हालात बने हुए हैं ऐसे में कई फेक खबरें तेजी से वायरल हो रही हैं. भारत सरकार की प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो ने वायरल खबर का खंडन करते हुए कहा है कि सरकार ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है. सरकार ने भी कोरोना काल में इस तरह की फर्जी ख़बरों को फैलने से रोकने के लिए कई प्रयास किए हैं.

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आपको भी मिले कोई मैसेज तो करवा सकते हैं फैक्ट चेक
अगर आपको भी कोई ऐसा मैसेज मिलता है तो फिर उसको पीआईबी के पास फैक्ट चेक के लिए https://factcheck.pib.gov.in/ अथवा वॉट्सऐप नंबर +918799711259 या ईमेलः pibfactcheck@gmail.com पर भेज सकते हैं. यह जानकारी पीआईबी की वेबसाइट https://pib.gov.in पर भी उपलब्ध है.
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