Union Budget 2020: मोदी सरकार की ऐतिहासिक घोषणा, साफ हवा के लिए 4400 करोड़ की मंजूरी

Union Budget 2020: मोदी सरकार की ऐतिहासिक घोषणा, साफ हवा के लिए 4400 करोड़ की मंजूरी
Union Budget 2020: वित्त मंत्री ने शुद्ध हवा के लिए 4,400 करोड़ की मंजूरी दी है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा कि 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों में सांस लेने के लिए शुद्ध हवा की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है. ऐसे शहरों के नागरिकों को शुद्ध हवा (Clean Air) प्रदान करने के लिए लॉन्च की गई 'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम' (National Clean Air Program) के लिए बजट में 4400 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 1, 2020, 1:59 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. देश में पहली बार ऐतिहासिक कदम उठाते हुए भारत सरकार ने साफ हवा (Clean Air) के लिए पहल की है.  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने घोषणा की है कि सरकार ने 'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम' (National Clean Air Program) के लिए 4400 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं. इसके तहत केंद्र सरकार उन राज्यों को प्रोत्साहित करने का प्रस्ताव करेगी, जो स्वच्छ हवा सुनिश्चित करने के लिए योजना तैयार कर रहे हैं. 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों में सांस लेने के लिए शुद्ध हवा की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है. ऐसे शहरों के नागरिकों को शुद्ध हवा प्रदान करने के लिए बजट में 4400 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं.

'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम' का उद्देश्य
इस कार्यक्रम के तहत वर्ष 2024 तक हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 प्रदूषक के स्तर में 20 से 30 प्रतिशत तक घटाने का लक्ष्य रखा गया है. राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम का उद्देश्य वायु प्रदूषण की रोकथाम, नियंत्रण और उसे कम करने के लिए योजनाबद्ध ढंग से काम करना है. इसके तहत देश में वायु गुणवत्ता निगरानी को बेहतर बनाकर वायु प्रदूषण के प्रति लोगों को जागरूक भी किया जाएगा.

10 जनवरी 2019 को लॉन्च की गई थी योजना
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने 10 जनवरी 2019 को प्रदूषण से निपटने के लिए 'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम' यानी NCAP (National Clean Air Program) के नाम से इस योजना को लॉन्च किया था. इसके तहत इन सभी शहरों में प्रदूषण से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे.



वायु प्रदूषण से होती हैं ये बीमारियां
पिछले दिनों कई रिपोर्ट्स आईं थीं, जिसमें बताया गया था कि वायु प्रदूषण हृिदय से जुड़ी कई बीमारियों, स्ट्रोक, इंफेक्शन, लंग कैंसर, डाइबिटीज और क्रोनिक बीमारियों की वजह बन रहा है. लिहाजा शहरों की हवा पर ध्यान देना बहुत जरूरी है.

देश में वायु प्रदूषण से होती हैं इतनी मौतें
वर्ष 2019 में जारी हुई स्टेट ऑफ ग्लोब एयर रिपोर्ट 2019 में कहा भी गया था कि वायु प्रदूषण दुनिया के आगे तीसरे बड़े खतरे के रूप में उभरा है. इससे अकेले भारत में वर्ष 2017 में 12 लाख मौतें हुई हैं.

पहले चरण में 102 प्रदूषित शहर शामिल
इस कार्यक्रम के पहले चरण में दिल्ली सहित देश के उन 102 प्रदूषित शहरों को शामिल किया गया था, जो कुछ सालों से प्रदूषण की समस्या से सबसे अधिक परेशान हैं. इनमें उत्तर प्रदेश के भी 15 शहरों को शामिल किया गया था.

इन शहरों में लागू की जाएगी योजना
इन 102 शहरों में ग्वालियर, अमरावती, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चंडीगढ़, भोपाल, सूरत, अहमदाबाद, नागपुर, जम्मू, श्रीनगर, धनबाद, विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम, गुवाहाटी, लखनऊ, भुवनेश्वर, कटक, राउरकेला,कानपुर, रायपुर, इंदौर, सागर, उज्जैन, औरंगाबाद, कोल्हापुर, नासिक, पुणे, लुधियाना, अमृतसर, जयपुर, जोधपुर, रायबरेली, वाराणसी, पटना, गया, उदयपुर, कोटा, आगरा, इलाहाबाद, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, झांसी और नोएडा शामिल हैं.

ये भी पढ़ें - 

Union Budget 2020: मोदी का ‘सपना’ होगा साकार: इस योजना को मिले 3.6 लाख करोड़

बजट में किसानों के लिए पेश हुआ 16 सूत्रीय फॉर्मूला, जानें कैसे पहुंचाएगा फायदा
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading