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सरकारी कर्मचारियों के GPF खाते पर हुआ फैसला! 30 जून तक इतना मिलेगा ब्याज

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Updated: April 11, 2019, 2:22 PM IST
सरकारी कर्मचारियों के GPF खाते पर हुआ फैसला! 30 जून तक इतना मिलेगा ब्याज
सरकारी कर्मचारियों के GPF पर हुआ फैसला! 30 जून तक इतना मिलेगा ब्याज

सरकार ने जनरल प्रोविडेंट फंड (जीपीएफ) की ब्याज दरों पर फैसला ले लिया है. जीपीएफ केंद्र सरकार के कर्मचारियों, रेलवे कर्मियों और सुरक्षा बलों के लिए होता है. आइए जानें इससे जुड़े सभी सवालों के जवाब...

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  • Last Updated: April 11, 2019, 2:22 PM IST
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सरकार ने जनरल प्रोविडेंट फंड (जीपीएफ) की ब्याज दरों पर फैसला ले लिया है. नए फाइनेंशियल ईयर की अप्रैल-जून तिमाही के लिए ब्याज दर 8 फीसदी तय की है. इससे पहली तिमाही में भी यहीं दर थी. जीपीएफ या जनरल प्रोविडंट फंड एक प्रोविडंट फंड खाता होता है जिसे सिर्फ सरकारी कर्मचारी ही खुलवा सकते हैं. एक सरकारी कर्मचारी इस खाते में अपने वेतन का एक निश्चित फीसदी योगदान करके फंड का सदस्य बन सकता है.

क्या हुआ फैसला- आर्थिक मामलों के विभाग ने नोटिफिकेशन जारी कर कहा है कि जीपीएफ और इसी तरह के दूसरे फंड्स के लिए ब्याज दर 1 अप्रैल से 30 जून तक 8 फीसदी रहेगी. यह ब्याज दर केंद्र सरकार के कर्मचारियों, रेलवे कर्मियों और सुरक्षा बलों के प्रोविडेंट फंड पर लागू होगी. पिछले महीने सरकार ने नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट और पीपीएफ जैसी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में भी कोई बदलाव नहीं किया था. (ये भी पढ़ें-यहां होता है PPF से जल्दी पैसा डबल, जानें इस योजना से जुड़ी सभी जरूरी बातें)



जीपीएफ खाते की जरूरी बातें-इस खाते में जमा राशि का भुगतान आम तौर पर कर्मचारी की सेवानिवृत्ति/ रिटायरमेंट के बाद किया जाता है. इस फंड में जमा रकम आयकर की धारा 80सी के अंतर्गत टैक्स छूट के दायरे में आती है. जीपीएफ खाते में जमा रकम पर 8 फीसदी की दर से ब्याज दिया जाता है. (ये भी पढ़ें-किसान विकास पत्र में तेजी से पैसा होता है डबल, जानिए जरूरी बातें)

कौन खुलवा सकता है खाता- भारत सरकार या कर सरकारी कर्मचारी जनरल प्रोविडंट फंड में अपना अकाउंट खुलवा सकता है. यह खाता एक निश्चित आय वर्ग के कर्मचारियों के लिए जरूरी है. निजी क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारी इस अकाउंट के लिए पात्र नहीं होते हैं.



कैसे काम करता है जीपीएफ-जनरल प्रोविडंट फंड एक तरह का सेविंग टूल है. जो एक कर्मचारी सरकार के साथ खोल सकता है. इस खाते में, खाताधारक एक निश्चित अवधि के लिए नियमित किस्तों के रूप में अपने वेतन का एक हिस्सा खाते में योगदान करता है. इस खाते में जमा राशि खाताधारक को रिटायरमेंट के समय दी जाती है. इसमें खाताधारक खाता खुलवाने के समय ही अपना नॉमिनी भी चुन सकता है. अगर खाताधारक को कुछ होता है तो नॉमिनी को अकाउंट से जुड़े तमाम फायदों का लाभ मिलता है. (ये भी पढ़ें-PF और PPF का सवाल आपको करता है परेशान, तो जानें इससे जुड़ी सारी खास बातें)जीपीएफ में खास फीचर- जीपीएफ खाते से जुड़ा एक खास फीचर होता है जिसे जीपीएफ एडवांस के नाम से भी जाना जाता है. यह जनरल प्रोविडंट फंड की सेविंग के अंतर्गत दिया गया इंटरेस्ट फ्री (ब्याजमुक्त) लोन होता है. इसे लोन इसलिए कहा जाता है क्योंकि उधार ली गई राशि का नियमित मासिक किश्तों में वापस भुगतान किया जाता है. जीपीएफ खाते से अग्रिम रूप में निकाली गई राशि पर कोई ब्याज का भुगतान नहीं करना होता है. आप अपने पूरे करियर में आवश्यकता पड़ने पर जितने चाहें जीपीएफ अग्रिम ले सकते हैं.

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First published: April 11, 2019, 2:18 PM IST
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