पानी की बोतल फेंके नहीं, अब बेचकर कमाएं पैसे

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Updated: September 10, 2019, 1:58 PM IST
पानी की बोतल फेंके नहीं, अब बेचकर कमाएं पैसे
पानी की बोतल फेंके नहीं, अब बेचकर कमाएं पैसे

सिंगल यूज़ प्लास्टिक को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का बड़ा असर देखने को मिल रहा है. रेलवे समेत कई मंत्रालयों ने सिंगल यूज प्लाटिक पर प्रतिबंध लगाने की पहले ही घोषणा कर चुके हैं. अब पैकेज वाटर बनाने वाली कंपनी इसी मुहिम का हिस्सा बनने जा रहा है.

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  • Last Updated: September 10, 2019, 1:58 PM IST
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सिंगल यूज़ प्लास्टिक (Single Use Plastic) को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की अपील का बड़ा असर देखने को मिल रहा है. रेलवे (Railway) समेत कई मंत्रालयों ने सिंगल यूज प्लाटिक पर प्रतिबंध लगाने की पहले ही घोषणा कर चुके हैं. अब पैकेज वाटर (Packaged Water) बनाने वाली कंपनी इसी मुहिम का हिस्सा बनने जा रहा है. सिंगल यूज़ प्लास्टिक को लेकर 2 अक्टूबर से शुरू होने वाले अभियान को देखते हुए उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री (Food and Consumer Affairs Minister) रामविलास पासवान ने बोतल बंद पानी मैन्युफैक्चरर से संभावना तलाशने की कोशिश की पर तुरंत विकल्प नहीं दिखा. पासवान के पास प्लास्टिक के पानी की बोतल के विकल्प के तौर पर कई किस्म की बोतल आई लेकिन किसी की कीमत ज़्यादा है तो किसी में प्लास्टिक की मिलावट. काफी माथा-पच्ची के बाद कोई नतीजा नहीं निकला.

क्या प्लास्टिक में बंद पानी की बोतल का कोई विकल्प है?
बोतल बंद पानी बनाने वाले मैन्युफैक्चरर के मुताबिक इसका फिलहाल कोई विकल्प नहीं. वहीं नेचुरल मिनरल वाटर एसोसिएशन ने जानकारी दी कि पानी की इंडस्ट्री 30 हज़ार करोड़ रुपये की है. बेवरीज इंडस्ट्री को इसमें जोड़ दिया जाय तो पूरी इंडस्ट्री 7.5 लाख करोड़ रुपये की है. डिस्ट्रीब्यूशन चैन को मिला दें तो 7 करोड़ लोगों पर असर पड़ेगा. अब इंडस्ट्री और सरकार के सामने इस बात की चुनौती है कि इसका विकल्प आखिर क्या हो सकता है?

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इस अभियान में एक पैकेज वाटर बनाने वाली कंपनी ने भी हाथ मिल लिया है. ये कंपनी बोतल साफ सुथरी होने पर 15 रु प्रति किलो और गंदी है तो 10-12 रु प्रति किलो के हिसाब से भुगतान किया जाएगा. मुम्बई में ये स्कीम 2 साल पहले शुरू हुई और इस दैरान लगभग 5 हजार टन प्लास्टिक इस कंपनी ने इकट्ठा किए. पानी का बोतल कूड़ा में न जाए बल्कि वापस इनके पास आए इसी मकसद से ये योजना बनाई गई है. कॉल करने पर कंपनी का रिप्रजेंटेटिव ग्राहक के पास जाएगा और वजन के हिसाब कीमत चुकाएगा. फिर इस बोतल को रिसाइकिल प्लांट तक भेजा जाएगा.

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(रवि सिंह, न्यूज18 इंडिया)

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First published: September 10, 2019, 1:33 PM IST
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