सरकारी मेडिकल स्‍टोर खोलने का बड़ा मौका, मोदी सरकार कर रही 250000/- तक की मदद

सरकार की ओर से अभी 651 जिलों में कुल 5,001 मेडिकल स्‍टोर केंद्र चल रहे हैं. सरकार इस साल मार्च तक 1500 नए जनऔषधि केंद्र खोलने की तैयारी कर रही है.

News18Hindi
Updated: February 22, 2019, 11:23 AM IST
सरकारी मेडिकल स्‍टोर खोलने का बड़ा मौका, मोदी सरकार कर रही 250000/- तक की मदद
मोदी सरकार दे रही है सरकारी मेडिकल स्‍टोर खोलने का मौका
News18Hindi
Updated: February 22, 2019, 11:23 AM IST
अगर आप भी सरकारी मेडिल स्‍टोर (जन औषधि केंद्र) खोलना चाहते हैं तो मोदी सरकार आपके इस सपने को जल्‍द पूरा कर सकती है. सरकार ने देश भर में मेडिकल स्‍टोर (जन औषधि केंद्र) खोलने के लिए आवेदन मंगवाए हैं. इस योजना की सबसे बड़ी खासियत ये है कि मेडिकल स्‍टोर खोलने के लिए सरकार की ओर से 2.50 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी. सरकार की कोशिश है कि प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना केंद्र, सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और सभी जिलों में खोले जाएं.

संसद में रसायन और उर्वर राज्य मंत्री मनसुख एल. मांडविया ने बताया कि सरकार की ओर से अभी 651 जिलों में कुल 5,001 मेडिकल स्‍टोर केंद्र चल रहे हैं. सरकार इस साल मार्च तक 1500 नए जनऔषधि केंद्र खोलने की तैयारी कर रही है. उन्‍होंने बताया कि सरकार ने इसके लिए आम लोगों, गैर सरकारी संगठनों, सरकारी अस्पतालों, निजी अस्पतालों, ट्रस्टों, स्वयं सहायता समूहों और सरकारी एजेंसियों से ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफ़लाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं. उन्होंने जानकारी दी कि जन औषधि केंद्र खोलने के लिए आवेदन शुल्क माफ कर दिया गया है ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना के तहत आवेदन कर सकें.

इसे भी पढ़ें :- राफेल के बाद मोदी सरकार का एयरफोर्स को बड़ा तोहफा, इजरायल से मंगाए जाएंगे 54 HAROP ड्रोन, जानिए खासियत



ऐसे करें अप्‍लाई

अगर आप जनऔषधि केंद्र के लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो http://janaushadhi.gov.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं इसके साथ ही आप इस लिंक पर जाकर http://janaushadhi.gov.in/pdf/NGO_PMBJP.pdf ज्यादा जानकारी पा सकते हैं.

इसे भी पढ़ें :- किसानों को सालाना 6000 रुपये देने जा रही मोदी सरकार ने कर्जमाफी पर क्या कहा?

कौन खोल सकता है यह केंद्र
Loading...

प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र खोलने के लिए 120 वर्गफुट की दुकान होनी जरूरी है. सरकार जन औषधि केंद्र खोलने वाले व्‍यक्‍ति को 800 दवाएं उपलब्‍ध कराती है. इन दवाओं को भी तीन तरह की कैटेगरी में बांटा गया है. पहली कैटेगरी में कोई भी व्यक्ति, फार्मासिस्ट, डॉक्टर, रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर यह केंद्र खोल सकता है. दूसरी कैटेगरी में ट्रस्ट, एनजीओ, प्राइवेट हॉस्पिटल को मौका दिया जाता है जबकि तीसरी कैटेगरी में राज्य सरकारों की ओर से तय एजेंसी को रखा जाता है.

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पाससब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsAppअपडेट्स
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...