नौकरी करने वालों के लिए बड़ी खबर! बदलने वाले है शिफ्ट से लेकर कई नियम, जानिए सबकुछ

नौकरी करने वालों के लिए बड़ी खबर

नौकरी करने वालों के लिए बड़ी खबर

केंद्र सरकार नौकरी करने वालों के लिए बड़ी राहत देने की तैयारी कर रही है. केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 19 नवंबर 2020 को व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थिति संहिता, 2020 के तहत कई नए नियम बनाए है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 23, 2020, 10:50 AM IST
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नई दिल्ली: केंद्र सरकार नौकरी करने वालों के लिए बड़ी राहत देने की तैयारी कर रही है. केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 19 नवंबर 2020 को व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थिति संहिता, 2020 के तहत कई नए नियम बनाए है, जिनका सीधा फायदा नौकरी करने वालों, मजदूरी करने वालों और माइग्रेंट वर्कर्स को मिलेगा. इन नियमों का उद्देश्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और काम करने की स्थिति को अच्छा और सरल बनाना है, जिससे कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें. इन सभी नियमों को अधिसूचना की तारीख से 45 दिनों के अंदर पेश किया जाना है. आइए आपको इन नियमों के बारे में बताते हैं-

आपको बता दें केंद्र सरकार डॉक वर्कर्स, बिल्डिंग और कंस्ट्रक्शन वर्कर्स, माइंस वर्कर्स, इंटर-स्टेट माइग्रेंट वर्कर, कॉन्ट्रैक्ट लेबर, वर्किंग जर्नलिस्ट, ऑडियो-विजुअल वर्कर्स और सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कामकाज की स्थितियों से संबंधित व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थिति संहिता, 2020 में प्रावधानों के तहत नियम बनाए जाएंगे.

अपॉइंटमेंट लेटर : नए नियम लागू होने के तीन महीने के अंदर किसी भी कंपनी के प्रत्येक कर्मचारी को नियुक्ति पत्र यानी अपॉइंटमेंट लेटर देना जरूरी है. पदनाम, कौशल श्रेणी, वेतन, उच्च वेतन/उच्च पद प्राप्त करने के लिए निर्धारित प्रारूप में नियुक्ति पत्र दिया जाएगा. इसके अलावा नए नियमों के अनुसार किसी भी कर्मचारी को किसी भी प्रतिष्ठान में तब तक नियुक्त नहीं किया जाएगा जब तक कि उसे नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया जाता है.
फ्री में टेस्ट: इसके अलावा कंपनी द्वारा कारखाने, डॉक, खदान और भवन या अन्य निर्माण कार्य के प्रत्येक श्रमिक और कर्मचारियों का फ्री में स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा, लेकिन यह चेकअप सिर्फ उन ही लोगों को होगा जिसने 45 वर्ष की आयु पूरी कर ली है.
यात्रा करने वाले इंटरस्टेट माइग्रेंट वर्कर्स के लिए साल में एक बार यात्रा भत्ते को लेकर नियमों और समयबद्ध तरीके से अपनी चिंताओं और शिकायतों को दूर करने के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर का भी प्रावधान किया गया है.
इसके अलावा एक संस्थान के लिए इलेक्ट्रॉनिक पंजीकरण, लाइसेंस और एनुअल इंटिग्रेटिड रिटर्न होना जरूरी है.
ओवरटाइम: किसी भी दिन ओवरटाइम की कैलकुलेशन में, 15 से 30 मिनट के बीच के एक घंटे के एक अंश को 30 मिनट के रूप में गिना जाएगा वर्तमान में 30 मिनट से कम समय को बिना ओवरटाइम के गिना जाता है.
महिला कर्मचारियों के लिए नियम: इसके अलावा सुबह 6 बजे से पहले और शाम को 7 बजे के बाद महिला कर्मचारियों को उनकी परमिशन के हिसाब से ही काम के लिए बुलाया जाएगा. सभी संस्थानों में महिला रोजगार की सुरक्षा से संबंधित नियम बनाए जाएंगे.
500 या उससे अधिक श्रमिकों को रोजगार देने वाले प्रत्येक संस्थान के लिए सुरक्षा समितियों को अनिवार्य बनाया गया है ताकि श्रमिकों को व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य मामलों पर उनकी चिंता का प्रतिनिधित्व करने के लिए एक अवसर प्रदान किया जा सके और सुरक्षा समितियों के गठन और कार्यों के लिए नियम दिए गए हैं.
कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले मजदूरों की अवधि ठेकेदार की तरफ से तय की जाएगी और यह एक महीने से ज्यादा नहीं होगी. इसके अलावा एक प्रतिष्ठान में कॉन्ट्रैक्ट श्रमिक के रूप में नियोजित प्रत्येक व्यक्ति की मजदूरी का भुगतान मजदूरी अवधि के अंतिम दिन के बाद सातवें दिन की समाप्ति से पहले किया जाएगा. मजदूरी केवल बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाएगी या इलेक्ट्रॉनिक मोड के जरिए दी जाएगी.
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