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सरकार का गेम चेंजर प्लान! चावल के बदले ईरान से कच्चा तेल खरीदने की तैयारी में भारत

सरकार का गेम चेंजर प्लान! चावल के बदले ईरान से कच्चा तेल खरीदने की तैयारी में भारत

वित्त मंत्री अरुण जेटली और पीएम मोदी (फाइल फोटो)

वित्त मंत्री अरुण जेटली और पीएम मोदी (फाइल फोटो)

बिज़नेस न्यूज चैनल सीएनबीसी आवाज़ को सूत्रों की ओर से मिली जानकारी में कहा जा रहा है कि भारत और ईरान मिलकर क्रूड के एवज में भुगतान के नए तरीके पर काम कर रहे हैं.

    मोदी सरकार ने रुपये की गिरावट को थामने और सस्ता कच्चा तेल खरीदने का नया प्लान बनाया है. बिज़नेस न्यूज चैनल सीएनबीसी आवाज़ को सूत्रों की ओर से मिली जानकारी में कहा जा रहा है कि भारत और ईरान मिलकर क्रूड के एवज में भुगतान के नए तरीके पर काम कर रहे हैं. भारत कच्चा तेल खरीदने के बदले में चावल और अन्य वस्तु ईरान को दे सकता है. साथ ही, भारत वेनेजुएला के साथ भी रुपये में तेल खरीदने की तैयारी कर रहा है. वित्त मंत्रालय ने योजना तैयार कर ली है. माना जा रहा है कि जल्द ही इस पर फैसला लिया जा सकता है. (ये भी पढ़ें-उड़द, अरहर दालों के पर लगी ये रोक हटाने की तैयारी! किसानों को होगा फायदा)

    आपको बता दें कि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पाद सिर्फ अमेरिकी डॉलर के बदले ही खरीदा जा सकता हैं. भारत कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है. ऐसे में कच्चे तेल के लिए सिर्फ अमेरिकी डॉलर में पेमेंट करना भारत के लिए बहुत नुकसानदायक साबित हो रहा है. विदेशी पूंजी भंडार घट रहा है और रुपया कमजोर हो रहा है. इससे देश में महंगाई बढ़ने की खतरा बढ़ गया है. (ये भी पढ़ें-शेयर बाजार में हाहाकार- सिर्फ 5 मिनट में डूब गए 3 लाख करोड़ रुपये, अब क्या करें निवेशक)

    भारत में डॉलर भेजना होगा सस्ता- सूत्रों की मानें तो डॉलर रेमिटेंस को बढ़ाने के लिए सरकार इस पर चार्ज हटाने और फेमा नियमों में बदलाव करने की तैयारी कर रही है. आपको बता दें कि फिलहाल विदेशों से रुपया भेजने पर 5-8 फीसदी तक चार्ज लगाए जाते है.

    क्या होता है रेमिटेंस- विदेश में रह रहे भारतीय अपने रिश्तेदार या परिवार के लोगों के लिए जो पैसा भारत भेजते हैं, उसे रेमिटेंस कहा जाता है. आम तौर पर यह परिवार के लोगों के आम खर्चों को पूरा करने के लिए भेजा जाता है. लेकिन, आरबीआई के हाल के एक सर्वे से पता चलता है कि इस इनफ्लो के बड़े हिस्से का निवेश शेयर, बॉन्ड, फिक्स्ड डिपॉजिट और रियल एस्टेट में किया जाता है. इससे करंट अकाउंट डेफिसिट कम करने में मदद मिलती है. यह एनआरआई डिपॉजिट से अलग है, जो वापस जा सकता है.

     



     

    Tags: Business news in hindi, Crude oil prices, Discount on crude oil, Iran, Iran oil Imports, Rupee weakness

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