जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य इतने रुपये तक बढ़ाने की तैयारी! कुछ ही देर में फैसला संभव

कैबिनेट की बैठक में कच्चे जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 3700 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 3950 रुपये करने की तैयारी है.

News18Hindi
Updated: February 13, 2019, 6:09 PM IST
जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य इतने रुपये तक बढ़ाने की तैयारी! कुछ ही देर में फैसला संभव
कैबिनेट की बैठक में कच्चे जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 3700 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 3950 रुपये करने की तैयारी है.
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Updated: February 13, 2019, 6:09 PM IST
कैबिनेट की बैठक में कच्चे जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 3700 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 3950 रुपये करने की तैयारी है. सरकार ने पिछले साल एमएसपी 3,500 रुपये से बढ़ाकर 3,700 रुपये प्रति क्विंटल किया था. सरकार के इस फैसले से जूट पैदा करने वाले किसानों को फायदा मिलेगा. आपको बता दें कि 2018-19 के सीजन के लिए शुद्ध औसत क्वालिटी (एफएक्यू) के कच्चे जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर 3,700 रुपये प्रति क्विंटल है. यह मूल्य 2017-18 के सीजन में प्रति क्विंटल 3,500 रुपये था.

न्यूनतम समर्थन मूल्य कृषि लागत और मूल्य आयोग (सीएसीपी) की सिफारिशों पर आधारित होता है. आयोग न्यूनतम समर्थन मूल्य की सिफारिश करते हुए उत्पादन लागत, समग्र मांग आपूर्ति, घरेलू तथा अंतर्राष्ट्रीय मूल्य, अंतर-फसल मूल्य समानता, कृषि और गैर-कृषि क्षेत्रों के बीच व्यापार शर्तो तथा शेष अर्थव्यवस्था पर न्यूनतम समर्थन मूल्य के संभावित प्रभाव को ध्यान में रखता है. (ये भी पढ़ें-सस्ती हो सकती है फ्लाइट की टिकट! GST काउंसिल में हो सकता है ये बड़ा फैसला)

भारतीय जूट निगम जूट उत्पादक राज्यों में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूल्य समर्थन संचालन के लिए केन्द्रीय नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करता रहेगा.



सरकार इसके अलावा जूट आई-केयर कार्यक्रम भी चलाती है. पिछले वित्त वर्ष में 500 टन प्रमाणित बीज उपलब्ध कराया गया. मौजूदा वित्त वर्ष में इस साल 60 फीसदी अधिक बीज उपलब्ध कराने की योजना है. प्रमाणित बीजों में महाबीज, नवीन, सुरेन और ईरा प्रमुख है. सरकार का दावा है कि प्रमाणित बीजों से ना केवल बेहतर फसल तैयार होगा बल्कि औसतन उत्पादन भी बढ़ेगा.(ये भी पढ़ें: Post Office ने निकाली नई स्कीम, 5 साल के इन्वेस्टमेंट पर मिलेगा शानदार रिटर्न)
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