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मोदी सरकार के एक फैसले से इन चार देशों की बढ़ेगी मुश्किलें, जानें क्या है मामला?

भाषा
Updated: November 7, 2019, 4:53 PM IST
मोदी सरकार के एक फैसले से इन चार देशों की बढ़ेगी मुश्किलें, जानें क्या है मामला?
चार देशों से तांबे की तार के आयात पर सब्सिडी रोधी शुल्क लगा सकता है भारत

तांबे के तार का आयात इंडोनेशिया (Indonesia), मलेशिया (Malaysia), थाइलैंड (Thailand) और वियतनाम (Vietnam) से किया जा रहा है.

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नई दिल्ली. भारत चार देशों से तांबे के मोटे तार (Copper Wire Rods) के आयात पर सब्सिडी रोधी शुल्क (Anti-Subsidy Duty) लगा सकता है. इस तार का आयात इंडोनेशिया (Indonesia), मलेशिया (Malaysia), थाइलैंड (Thailand) और वियतनाम (Vietnam) से किया जा रहा है. वाणिज्य मंत्रालय की जांच इकाई व्यापार उपचार महानिदेशालय (DGTR) ने इस मामले में अपनी जांच पूरी कर ली है. जांच से यह निष्कर्ष निकला है कि इन देशों से तांबे के तार के आयात से घरेलू उद्योग प्रभावित हो रहा है.

DGTR ने पिछले साल सितंबर में इन चार देशों से तांबे के तार के निर्यात पर सब्सिडी की जांच शुरू की थी. हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और वेदांता इंडस्ट्रीज (Sterlite Copper) ने घरेलू उद्योग की ओर से इस बारे में डीजीटीआर में अपील दायर की थी. इन कंपनियों ने आरोप लगाया था कि इन चार देशों द्वारा इस उत्पाद के निर्यात पर सब्सिडी दी जा रही है और इस मामले में सब्सिडी रोधी जांच की जाए.

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DGTR ने पांच साल की अवधि के लिए बाध्यकारी प्रतिपूरक शुल्क लगाने की सिफारिश की है. यह शुल्क लगाने का फैसला वित्त मंत्रालय करेगा. अपनी जांच में डीजीटीआर ने निष्कर्ष निकाला है कि इन देशों द्वारा भारत को तांबे के तार का निर्यात सब्सिडी पर किया जा रहा है. इससे घरेलू उद्योग को चोट पहुंची है.

DGTR ने इस पर भारत में उतरने के मूल्य पर 2.47 प्रतिशत से 10.27 प्रतिशत का शुल्क लगाने की सिफारिश की है. इस मामले में जांच की अवधि 2017-18 (12 महीने) रही है. इसके तहत 2014-17 के आंकड़ों का भी आकलन किया गया है.

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First published: November 7, 2019, 4:13 PM IST
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