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सब्जियों के बाद अब बढ़ने लगे दालों के दाम! सरकार उठा सकती है ये बड़ा कदम


Updated: December 11, 2019, 1:19 PM IST

सूत्रों के मुताबिक सरकार अब तूर (Tur) और उड़द (Urad) दाल पर स्टॉक लिमिट (Stock Limit) लगाने की तैयारी कर रही है. दोनों दालों के दाम 100 रुपये के ऊपर चल रहें है.

  • Last Updated: December 11, 2019, 1:19 PM IST
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नई दिल्ली. प्याज के बाद अब दालों की कीमतों को काबू में लाने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है. लेकिन अभी तक कामयाबी हाथ नहीं लगी है. CNBC आवाज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार अब तूर (Tur) और उड़द (Urad) दाल पर स्टॉक लिमिट (Stock Limit) लगाने की तैयारी कर रही है. दोनों दालों के दाम 100 रुपये के ऊपर चल रहें है. आपको बता दें कि प्याज की कीमत खुदरा बाजार में 160 के पार तक पहुंच चुकी है. इससे पहले टमाटर का रेट भी इसी तरह लोगों को लाल कर दिया था. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने सोमवार को लोकसभा में जानकारी देते हुए कहा कि 2019 में 22 जरूरी फूड आइटम्स में से 20 के दाम काफी बढ़े हैं. जनवरी से दिसंबर के बीच में प्याज के दाम में करीब चार गुना बढ़ोतरी हुई है.

मंत्रालय की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, अरहर, उड़द और मूंग दाल की कीमत में काफी इजाफा हुआ है, जबकि चना दाल की कीमत स्थित बनी हुई है. फूड आइटम्स में डिमांड और सप्लाई का बैलेंस बिगड़ चुका है. मौसम की मार का असर उत्पादन पर हुआ. दूसरी तरफ उचित स्टोरेज सुविधा नहीं होने के कारण समस्या और गंभीर हुई है.

अब दाल हुई महंगी- तूर और उड़द दालों के दामों में काफी तेज हैं. दोनों दालों के दाम 100 रुपये पार चले गए हैं. जून से लेकर अब तक तूर दाल का दाम 35 फीसदी तक बढ़ा है जबकि उड़द दाल का भाव 40 फीसदी के करीब बढ़ा है. सरकार ने दालों के दाम को काबू में करने के लिए काफी कोशिशें की, लेकिन वो नाकाम साबित हुई है.

जल्द लग सकती है स्टॉक लिमिट

कीमतों को काबू में करने के लिए सरकार ने दालों के आयात की डेडलाइन 15 नवंबर को बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दी है. इसके बावजूद दालों के दाम कम होने के नाम नहीं ले रहे हैं. सरकार को इसमें जमाखोरी की आशंका लग रही है. व्यापारी दाल को बाहर नहीं निकाल रहे हैं और जो दाल आयात हुए हैं वो गोदामों में पड़ी सड़ रही है. ऐसे में सरकार विचार कर रही है इनके ऊपर एक स्टॉक लिमिट लगा दी जाए. क्वांटिटी टर्म में स्टॉक लिमिट लग सकती है. इसका फैसला जल्द हो सकता है.

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दाल का उत्पादन 82.3 लाख टन रहने का अनुमानखरीफ सीजन के दौरान दलहनी फसलों वाले राज्य राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में मानसून की भारी बारिश ने खेत में खड़ी इन फसलों को चौपट कर दिया. इससे दलहन की पैदावार 82.3 लाख टन रह जाने का अनुमान है, जबकि कृषि मंत्रालय ने 1.01 करोड़ टन पैदावार का लक्ष्य निर्धारित किया था.

बुआई 10 लाख हेक्टेयर कम
दलहनी फसलों की बुआई का रकबा पिछले साल के 99.15 लाख हेक्टेयर के मुकाबले अभी लगभग 10 लाख हेक्टेयर कम है. सामान्य तौर पर रबी सीजन में कुल दलहनी खेती 1.46 करोड़ हेक्टेयर में होती है. अभी तक चना का बोआई रकबा पिछले साल के 68.40 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 61.59 लाख हेक्टेयर रहा है. सीजन के आखिर तक चने का औसतन कुल रकबा 93.53 लाख हेक्टेयर रहता है. घरेलू दालों में चना दाल की हिस्सेदारी 40 फीसदी से ज्यादा रहती है.

 

(असीम मनचंदा, संवाददाता- CNBC आवाज़)

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First published: December 11, 2019, 12:23 PM IST
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