स्टील इंपोर्ट घटाने और खपत बढ़ाने के लिए मोदी सरकार ने बनाया ये मेगा प्लान!

सरकार एक महीने के अंदर स्टील स्क्रैप पॉलिसी का ड्राफ्ट जारी कर सकती है. स्टील स्क्रैप पॉलिसी पर मंत्रालय ने राज्यों के साथ बातचीत शुरू कर दी है.

News18Hindi
Updated: June 11, 2019, 4:46 PM IST
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Updated: June 11, 2019, 4:46 PM IST
सरकार एक महीने के अंदर स्टील स्क्रैप पॉलिसी का ड्राफ्ट जारी कर सकती है. सीएनबीसी- आवाज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक राज्यों के साथ बातचीत शुरू कर दी गई है. स्टील स्क्रैप पॉलिसी पर मंत्रालय ने राज्यों के साथ बातचीत शुरू कर दी है. राज्यों से कंसल्टेशन के बाद कैबिनेट नोट तैयार होगा. दरअसल, सरकार यह चाहती है कि स्टील का इंपोर्ट कम दिया जाए और घरेलू खपत बढ़ाई जाए. सूत्रों के मुताबिक, स्टील मिनिस्टर के साथ सारे अधिकारियों की एक समीक्षा बैठक हुई है. इसमें सरकारी क्षेत्र की पांच कंपनियां भी इस बैठक में शामिल हुई थी. इस बैठक में ये सहमति बनी कि कैसे स्टील के इंपोर्ट को कम किया जाए और साथ ही साथ घरेलू खपत बढ़ाई जाए.

स्टील स्क्रैप प्लांट खोलने की योजना


बता दें कि स्टील इंपोर्ट घटाने के लिए स्क्रैप पॉलिसी अहम है. शुरू में सरकार की 2-3 स्टील स्क्रैप प्लांट खोलने की योजना है. इस योजना के लिए SAIL, NMDC, MSTC जैसी कंपनियों ने भी सुझाव दिए है.

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ऐसे बढ़ेगी स्टील की खपत
खपत बढ़ाने के लिए 4-5 नए सेगमेंट पर चर्चा हुई जिसमें हाउसिंग सेक्टर है. स्टील के घर बनाए जाएं. पहाड़ी राज्यों में स्टील की खपत को कैसे बढ़ाया जाए और साथ ही साथ अगर खपत बढ़ेगा तो स्क्रैप को सरकार किस तरह से लेगी, उस पर क्रॉपिहेंसिव पॉलिसी चाहिए. लिहाजा यह सहमति बनी कि जो स्क्रैप पॉलिसी है उसपर जल्दी से जल्दी अंतिम रूप दी जाए. इस पर कुछ राज्यों को ऐतराज है. वैसे राज्य जहां ज्यादा स्क्रैप निकलने की संभावना है, उनको इस बात पर ऐतराज है कि जो कंपनसेशन का स्ट्रक्चर है उसको बढ़ाया जाए और उनके राज्य में स्क्रैप आधारित स्टील प्लांट खोले जाएं.

सालाना करीब 60 लाख टन स्टील स्क्रैप का इम्पोर्ट होता है. देश में करीब सालाना 83 लाख टन स्क्रैप डिमांड है. ये भी पढ़ें: बैंकों से कम ब्याज पर बिना गारंटी मिल जाएगा लोन, जानें कैसे
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(प्रकाश प्रियदर्शी, संवाददाता- CNBC आवाज़)

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