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मोदी सरकार ने 24 घंटे में किसानों के लिए किए दो बड़े फैसले, अब मिलेगा ज्यादा मुनाफा!

मोदी सरकार ने 24 घंटे में किसानों के लिए किए दो बड़े फैसले, अब मिलेगा ज्यादा मुनाफा!

मोदी सरकार ने 24 घंटे में किसानों के लिए किए दो बड़े फैसले, अब मिलेगा ज्यादा मुनाफा!

केंद्र की मोदी सरकार ने पिछले 24 घंटे में किसानों के लिए दो बड़े फैसले किए है. इन नए फैसलों से किसानों को अपनी आमदनी बढ़ाने का मौका मिलेगा.

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    केंद्र की मोदी सरकार ने पिछले 24 घंटे में किसानों के लिए दो बड़े फैसले किए है. प्याज पर किसानों को नए साल का तोहफा देते हुए सरकार ने शुक्रवार को निर्यात प्रोत्साहन योजना के तहत प्याज पर दिए जाने वाले प्रोत्साहन को 5 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी कर दिया है. कृषि मंत्रालय ने यह जानकारी दी. आधिकारिक बयान में कहा गया कि इस फैसले से किसानों को अपनी आमदनी बढ़ाने का मौका मिलेगा.

    सरकार ने शनिवार को मटर के इंपोर्ट पर रोक को आगे बढ़ा दिया है. मटर के इंपोर्ट पर अब 31 मार्च तक रोक लगा दी गई है. वाणिज्य मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. आपको बता दें मटर के इंपोर्ट पर लगी रोक की मियाद 31 दिसंबर को खत्म हो रही थी. इस फैसले से घरेलू किसानों को फायदा मिलेगा, क्योंकि विदेशों से सस्ती मटर देश में नहीं आ पाएगी. लिहाजा देश के किसान अच्छे दामों पर अपनी फसल को बेच पाएंगे. (ये भी पढ़ें-किसानों को बड़ा तोहफा देने की तैयारी में मोदी सरकार, इन 3 योजनाओं पर काम जारी)

    आपको बता दें कि देश में मटर का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है. इस रबी सीजन में मटर की बुवाई पिछले साल के मुकाबले 9.13 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 9.97 लाख हेक्टेयर पहुंच गई है.



    प्याज एक्सपोर्ट इंसेंटिव बढ़ाने के बाद सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बाजार में प्याज की आवक बढ़ी है, इसलिए मंडी में प्याज की सही कीमत नहीं मिल रही. इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने प्याज के निर्यात को बढ़ावा देने का फैसला किया, ताकि घरेलू बाजार में कीमतों में स्थिरता आए.(ये भी पढ़ें-बिजनेस के लिए पैसा चाहिए, तो रतन टाटा करेंगे मदद)

    एमईआईएस योजना के तहत प्रदान किए जा रहे निर्यात प्रोत्साहन को दोगुना कर 10 फीसदी कर दिया गया है. इससे पहले इस साल जुलाई से पहले ताजे प्याज के लिए निर्यात प्रोत्साहन शून्य था. मंत्रालय ने कहा कि साल 2018 के जुलाई में 5 फीसदी निर्यात प्रोत्साहन शुरू किया गया था. बयान में कहा गया है कि इससे उन किसानों को मदद मिलेगी, जिन्होंने हाल में ही अपने उपज की कटाई की है, या जिन्होंने बीज बोए हैं.(ये भी पढ़ें-अब बंद नहीं होगा आपका टीवी, पसंदीदा चैनल चुनने की डेडलाइन 31 जनवरी तक बढ़ी)

    रबी दलहन की बुवाई कम-रबी दलहन की बुवाई चालू सीजन में 6.36 फीसदी घटकर 140.67 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है जबकि पिछले साल इस समय तक 150.19 लाख हेक्टेयर में इनकी बुवाई हो चुकी थी. रबी दलहन की प्रमुख फसल चना की बुवाई 10.63 फीसदी घटकर अभी तक केवल 91.64 लाख हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 102.54 लाख हेक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी.

    अन्य दालों में मसूर की बुवाई 16.40 लाख हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 16.89 लाख हेक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी. मटर की बुवाई जरुर पिछले साल के 9.13 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 9.97 लाख हेक्टेयर में हुई है. उड़द और मूंग की बुवाई चालू रबी में क्रमश: 5.87 और 3.08 लाख हेक्टेयर में हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक इनकी बुवाई क्रमश: 6.45 और 2.92 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी.

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