मोदी सरकार का नया प्लान, अब मकान मालिक मन मुताबिक नहीं बढ़ा सकेंगे किराया

किराएदारों के साथ हमेशा से ये समस्या बनी रहती है कि उनका मकान मालिक मनमाना किराया वसूलता हैं और जब चाहे तब किराए में बढ़ोत्तरी कर देता है. मकान मालिकों और किराएदारों के बीच होने वाले विवादों को खत्म करने के सरकार ने एक नया ड्राफ्ट तैयार किया है.

News18Hindi
Updated: July 15, 2019, 1:19 PM IST
मोदी सरकार का नया प्लान, अब मकान मालिक मन मुताबिक नहीं बढ़ा सकेंगे किराया
किराएदारों और मकान मलिकों के लिए नया प्लान जानना है जरूरी.
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Updated: July 15, 2019, 1:19 PM IST
किराएदारों के साथ हमेशा से ये समस्या बनी रहती है कि उनका मकान मालिक मनमाना किराया वसूलता हैं और जब चाहे तब किराए में बढ़ोत्तरी कर देता है. इन सभी समस्याओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने मॉडल रेंटल एक्ट का ड्राफ्ट तैयार किया है जिसमें मकान मालिकों और किराएदारों के बीच होने वाले विवादों को खत्म करने और उनके अधिकारों को सुरक्षित रखने का प्रावधान है.

इस ड्राफ्ट के अनुसार, कोई भी मकान मालिक दो महीने से ज्यादा का किराया सिक्युरिटी एडवांस के रूप में नहीं लेगा. हाउसिंग और अर्बन मामलों के मंत्रालय ने इस ड्राफ्ट को संबंधित पक्षों के पास सुझावों के लिए भेजा है. सुझाव मिलने के बाद एक्ट को कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. आपको बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते समय राज्यों के लिए एक मॉडल रेंटल एक्ट लाने की बात कही थी.

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मॉडल रेंटल एक्ट में क्या है खास बातें

>> जितना रहने का समय तय किया गया है उससे ज्यादा रहने पर दोगुना किराया देना होगा.

>> अब मकान मालिक अपनी इच्छा अनुसार किराया नहीं बढ़ा सकेंगे.

>> मकान मालिकों को किराएदारों से होने वाले विवादों का डर हमेशा लगा रहता है. इसलिए मकान मालिकों को प्रोत्साहित करने के लिए इस मॉडल एक्ट को बनाया गया है.
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>> रेंट एग्रीमेंट होने के बाद मकान मालिक और किराएदार दोनों को अथॉरिटी को सूचना देना अनिवार्य होगा.

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>> ऐक्ट के तहत मकान मालिक को घर के मुआयने, रिपेयर से जुड़े काम या किसी दूसरे मकसद से आने के लिए 24 घंटों का लिखित नोटिस अडवांस में देना होगा.

>> रेंट अग्रीमेंट में लिखी समय सीमा से पहले किरायेदार को तब तक नहीं निकाला जा सकता, जब तक उसने लगातार दो महीनों तक किराया न दिया हो या वह प्रॉपर्टी का गलत इस्तेमाल कर रहा हो.

अगस्त में मिल सकती है इस ड्राफ्ट को कैबिनेट की मंजूरी
गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में बनाया गया मंत्रियों का ग्रुप इस पर तेजी से काम कर रहा है. मंत्रियों के इस समूह में कानून मंत्री और आवासीय मंत्री शामिल है. इस मॉडल टेनंसी ऐक्ट के मसौदे को लेकर जून में दो बैठकें हुईं. उम्मीद जताई जा रही है कि अगस्त महीने में इस मसौदे को कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है. जुलाई के अंत में फिर बैठक होना है.

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केंद्र सरकार की हाउसिंग मिनिस्ट्री पहले भी इसी तरह का मॉडल ऐक्ट लाई थी, लेकिन उसे दिल्ली और मुंबई के व्यापारियों के कड़े विरोध के कारण लागू नहीं किया जा सका था. उस कानून में पुराने कॉन्ट्रैक्ट्स की समीक्षा की भी बात थी. राज्य सरकारों को मर्जी होगी तो वे यह कानून अपने यहां भी लागू कर सकेंगें. लेकिन वहां यह कानून पिछली तारीखों से लागू नहीं होगा.

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First published: July 15, 2019, 1:19 PM IST
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