ये सरकारी अधिकारी अब पेट्रोल-डीज़ल की कार में नहीं चलेंगे! हुआ ये फैसला

देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण को कम करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के अधिकारी अब पेट्रोल-डीज़ल की कार से नहीं चलेंगे

News18Hindi
Updated: January 9, 2019, 4:20 PM IST
ये सरकारी अधिकारी अब पेट्रोल-डीज़ल की कार में नहीं चलेंगे! हुआ ये फैसला
ये सरकारी अधिकारी अब पेट्रोल-डीज़ल की कार में नहीं चलेंगे! हुआ ये फैसला
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Updated: January 9, 2019, 4:20 PM IST
देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण को कम करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के अधिकारी अब पेट्रोल-डीज़ल की कार से नहीं चलेंगे. ये अधिकारी अब इलेक्ट्रिक कारों से चलेंगे. ईएसएसएल ने विभाग को 15 नई इलेक्ट्रिक कारे उपलब्ध कराई है. ये सभी कारें 40 हज़ार प्रति माह प्रति कार दर से 5 साल के लिए लीज पर ली गई है.

आपको बता दें कि इस फैसले से सालाना 36000 लीटर ईंधन की बचत होगी. साथ ही, सालाना 440 टन कार्बन डाइऑक्साइड का कम उत्सर्जन होगा. नॉर्थ ब्लॉक में 4 तेजी से चार्ज होने वाले चार्जिंग पॉइंट जब कि 6 सामान्य चार्जिंग पॉइंट लगाए गए है. (ये भी पढ़ें-अब इस 'सीक्रेट कोड' के जरिए कर पाएंगे पैसों का लेन-देने, RBI ने जारी किए नए नियम)

सरकार ने लीज़ पर ली ये कारें- महिंद्रा ऑटोमोबाइल की ई वेरिटो इलेक्ट्रिक कारे हैंकेंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली और ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने लांच किया. आर्थिक मामलों के सचिव,ऊर्जा सचिव ,ईएसएसएल के चेयरमैन भी मौजूद थे.​ (ये भी पढ़ें-GST काउंसिल की बैठक, अंडर कंस्ट्रक्शन फ्लैट्स हो सकते हैं सस्ते)



ई-इलेक्ट्रिक व्हीकल की इन कारों में दो चार्जिंग पॉइंट लगाया गया है. कार के आगे के हिस्से में डीसी और पिछले हिस्से में एसी चार्जिंग पॉइंट है. डीसी से फ़ास्ट चार्जिंग होती है करीब 40 से 45 मिनट में फुल चार्ज होगा जब कि एसी पॉइंट से बैटरी चार्ज करने में 4 से 5 घंटे लगेंगे. एक बार बैटरी चार्ज होने पर 140 किमी तक चल सकेगी इलेक्ट्रिक कारे​

 इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने वालों को मिलेगा इंसेंटिव- इलेक्ट्रिक गाड़ियां बनाने वाली कंपनियों और इन्हें खरीदने वाले ग्राहकों को कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा की अगुवाई वाली एक समिति ने कई इंसेंटिव देने की सिफारिश की है. अगर इन सुझावों पर अमल हुआ तो देश में ई-मोबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा. इस मामले से वाकिफ एक सूत्र ने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय में बुधवार को होने वाली हाई लेवल मीटिंग में इस बारे में अंतिम फैसला लिया जाएगा. (ये भी पढ़ें-रसोई गैस सिलेंडर की एजेंसी खोलकर लाखों कमाने का मौका, लाइसेंस के लिए अपने शहर में ऐसे करें अप्लाई)

सूत्र ने बताया कि फैसला होने के बाद रेवेन्यू डिपार्टमेंट, हेवी इंडस्ट्री डिपार्टमेंट और रोड ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री से इसके लिए जरूरी कदम उठाने को कहा जाएगा. ई-मोबिलिटी के लिए इस ब्लूप्रिंट को देश के दो दर्जन टॉप ब्यूरोक्रेट्स ने तैयार किया है. कैबिनेट सेक्रेटरी की अध्यक्षता में पिछले महीने समिति की मीटिंग में सभी संबंधित मंत्रालयों के सचिव शामिल हुए थे. (ये भी पढ़ें-जल्द आ सकता है सवर्ण आरक्षण पर फैसला, तुंरत तैयार कर लें ये 8 डाक्यूमेंट्स)
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