मोदी सरकार का नया बिग इन्वेस्टमेंट प्लान! देश के पोर्ट्स पर खर्च होंगे 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा

मोदी सरकार का नया बिग इन्वेस्टमेंट प्लान! देश के पोर्ट्स पर खर्च होंगे 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister of India)

देश के पोर्ट सेक्टर में 134 प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है. केंद्र की मोदी सरकार अगले पांच साल में करीब 60 प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए सवा लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 22, 2020, 3:09 PM IST
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नई दिल्ली. देश की अर्थव्यवस्था (Indian Economy)  की रफ्तार को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार (Government of India) ने नए प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है. CNBC आवाज़़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पोर्ट सेक्टर में बड़े पैमाने पर निवेश का काम शुरू हो गया है. पोर्ट सेक्टर में कुल 134 प्रोजेक्ट की पहचान की गई है. समय पर प्रोजेक्ट  पूरा करने के लिए अधिकारियों का एक समूह नियमित तौर पर निगरानी करेगा.

अब आगे क्या- पोर्ट सेक्टर की तेज रफ्तार तेज करने के लिए सरकार ने इसमें बड़े पैमाने पर निवेश की योजना बनाई है. कुल 134 प्रोजेक्ट की पहचान की गई. ड्रेजिंग के 7 और टूरिज्म के लिए 10 पोर्ट प्रोजेक्ट इसमें शामिल है. 87 प्रोजेक्ट EPC और 33 PPP मॉडल के तहत बनेंगे. सरकार 5 साल में 1.21 लाख करोड़ रुपये Capital Expenditure करेगी. केंद्र सरकार का टारगेट, 5 साल में 58 प्रोजेक्ट पूरा करने का है.

2.13 बिलियन डॉलर  की लागत से  महाराष्ट्र में वधावन पोर्ट का विकास होगा. वहीं, पारादीप न्यू पोर्ट 1.16 बिलियन डॉलर खर्च होंगे. भावनापाडु पोर्ट, आंध्र प्रदेश 712.7 मिलियन डॉलर खर्च होंगे. Cochin Shipyard का केरल में 237.9 million डॉलर का  प्रोजेक्ट जल्द पूरा होगा. केरल, आन्ध्र प्रदेेश, पांडिचेरी में करीब 6 प्रोजेक्ट का विकास किया जाएगा. समय पर प्रोजेक्ट  पूरा करने के लिए अधिकारियों का एक समूह नियमित तौर पर निगरानी करेगा.

सरकार ने पोर्ट टैरिफ में 70 फीसदी कटौती का फैसला लिया-केंद्रीय शिपिंग मंत्रालय (Shipping Ministry) ने हाल में क्रूज शिप्स (Cruise Ships) पर लगने वाले टैरिफ को घटा दिया गया है. इन शिप्स के पोर्ट चार्जेज में 60 से 70 फीसदी तक की कटौती हुई है.

क्रूज शिप्स के पोर्ट चार्जेज अब 0.085 डॉलर प्रति GRT (Gross Registered Tonnage) चार्ज किए जाएंगे. पहले यह 0.35 डॉलर है. यह रेट पहले 12 घंटों तक (Fixed Rate) रुकने के लिए होगा. साथ ही प्रति पैसेंजर 5 डॉलर हेड टैक्स के तौर पर होगा. पोर्ट्स पर अब बर्थ हायर, पोर्ट ड्यू, पाइलटेज, पैसेंजर फीस आदि नहीं चार्ज किए जाएंगे. 12 घंटे से अधिक की अवधि के लिए क्रुज शिप्स के लि​ए फिक्स्ड चार्ज बर्थ हायर चार्ज के बराबर ही होगा. यह शेड्यूल ऑफ रेट्स (SOR) के आधार पर ही होगा. इसमें क्रुज शिप्स के लिए पहले से तय 40 फीसदी की छूट भी मिलेगी. (लक्ष्मण रॉय, इकोनॉमिक पॉलिसी एडिटर- CNBC आवाज़)
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