मोदी सरकार ने नेचुरल गैस और रेलवे को लेकर लिया बड़ा फैसला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

Cabinet Meeting Decision: कैबिनेट बैठक में आज नेचुरल गैस मार्केटिंग गाइडलाइंस को मंजूरी मिल गई है. इसके अलावा ईस्टर्न रेलवे के ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर परियोजना को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 7, 2020, 6:21 PM IST
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister of India, Narendra Modi) की अध्यक्षता में हुई बैठक में नेचुरल गैस कीमतों की पॉलिसी लेकर बड़ा फैसला हुआ है. इसकी जानकारी केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि नेचुरल गैस मार्केटिंग गाइडलाइंस को मंजूरी मिल गई है. उन्होंने बताया कि, इस फैसले से विदेशी इंपोर्ट घटेगा. वहीं, रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि ईस्टर्न रेलवे के ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर परियोजना को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. 16.6 किमी के इस प्रोजेक्ट पर 8575 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इस मौके पर रेल मंत्री ने कहा कि सेक्टर 5 से हावड़ा मैदान को जोड़ने वाली 16.55 किलोमीटर लंबी ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर परियोजना के दिसंबर, 2021 तक पूरा होने की उम्मीद है.

नेचुरल गैस मार्केटिंग गाइडलाइंस को मंजूरी- सीसीईए यानी कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (Cabinet Committee on Economic Affairs -CCEA) की बैठक में बुधवार को नेचुरल गैस मार्केटिंग गाइडलाइंस को मंजूरी मिल गई है. नई गाइडलाइंस गैस उत्पादन करने वाली कंपनियों पर लागू होंगी. ऑयल गैस ब्लॉक से निकलने वाली गैस की कीमतों और मार्केटिंग पर लागू होंगी.

सरकार का कहना है कि इसका मकसद है कीमतों को कोम्पेटेटिव बनाकर सही गैस के दाम तय किए जा सके. दूसरा, सरकार ने यूनिफॉर्म गैस मार्केट की संकल्पना तैयार की थी उसको पूरा करना है. अब इस कदम के बाद सरकार ने जो गैस ट्रेडिंग एक्सचेंज बनाया है. उसे मजबूती मिलेगी. यूनिफॉर्म गैस प्राइसिंग की तरफ अब ऑयल एंड गैस सेक्टर आगे बढ़ पाएगा.




ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी-केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि कैबिनेट ने आज 8,575 करोड़ रुपये की लागत से ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर प्रोजेक्ट को पूरा करने की मंजूरी दे दी. इससे मास ट्रांजिट सिस्टम को बढ़ावा मिलेगा।.

उन्होंने कहा, ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर प्रोजेक्ट की कुल रूट लंबाई 16.6 किमी और इस पर 12 स्टेशन होंगे. यह परियोजना यातायात भीड़ को कम करेगी, शहरी संपर्क को बढ़ाएगी और लाखों दैनिक यात्रियों के लिए एक स्वच्छ गतिशीलता समाधान प्रदान करेगी.
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