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सरकार ने तैयार की स्क्रैपेज पॉलिसी, नई गाड़ी खरीदने पर नहीं देनी होगी रजिस्ट्रेशन फीस

सीएनबीसी आवाज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, सड़क परिवहन मंत्रालय (Road Transport Ministry) ने स्क्रैपेज पॉलिसी का ड्रॉफ्ट तैयार कर लिया है.

  • News18Hindi
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    नई दिल्ली. वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार (Government) जल्द ही स्क्रैपेज पॉलिसी (Scrappage Policy) का जल्द ऐलान कर सकती है. सरकार ने गाड़ियों की स्क्रैपेज पॉलिसी की तैयारियां तेज कर दी हैं. सीएनबीसी आवाज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, सड़क परिवहन मंत्रालय (Road Transport Ministry) ने स्क्रैपेज पॉलिसी का ड्रॉफ्ट तैयार कर लिया है. आइए जानते हैं ड्राफ्ट की सारी डिटेल के बारे में...

    स्क्रैपेज की पूरी प्रक्रिया को आसान करने पर ध्यान दिया गया है. अब तक RTO से जो एनओसी लेना मुश्किल हो जाता था, तो उसके लिए सड़क परिवहन मंत्रालय जल्द एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर लाने जा रहा है और स्क्रैपेज सेंटर के लिए भी एक स्टैंडर्ड तय किया जाएगा.

    नई और पुरानी गाड़ियों पर अलग-अलग रोड टैक्स
    इसके राज्यों को नई और पुरानी गाड़ियों के लिए अलग-अलग रोड टैक्स लगाए जाने को कहा जाएगा. स्कैप्ड गाड़ियों पर रोड टैक्स में छूट दी सकती है. 15 साल से पुरानी गाड़ियों को हर 6 महीने में फिटनेस सर्टिफिकेट लेने के लिए कहा जाएगा और ये नियम 1 जुलाई 2020 से लागू हो जाएगा. ये भी पढ़ें: SBI ग्राहकों को मिला दिवाली का तोहफा! 1 अक्टूबर से सस्ता होगा होम और ऑटो Loan



    15 साल पुरानी गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन के रिनुअल्स में 20 गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी की गई है. अभी छोटी प्राइवेट कार का रजिस्ट्रेशन रिनुअल्स पर 600 रुपये लगते हैं, लेकिन स्क्रैपेज पॉलिसी में यह 15,000 रुपये प्रस्तावित है. 7.5 टन से कम छोटी कमर्शियल गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन रिनुअल्स अभी 1,000 रुपये है, जो प्रस्तावित है 20,000 रुपये. मिडियम और हैवी कमर्शियल गाड़ियों के रिनुअल के लिए 1,500 रुपये देने पड़े हैं, प्रस्ताव है 40,000 रुपये.

    ट्रांसफरेबल होगा स्क्रैपेज सर्टिफिकेट
    इसके अलावा, खास बात यह है कि स्क्रैपेज सर्टिफिकेट ट्रांसफरेबल होगा. अगर आप अपनी पुरानी गाड़ी को स्क्रैप करते है और आप नई गाड़ी नहीं खरीदते हैं, तो भी आप इसे किसी को बेच सकते हैं. उसका मॉनिटरी फायदा आप उठा सकते हैं.

    15 साल पूरा होने पर अगर गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया जाता है तो इसे मोटर व्हीकल नहीं जाएगा. यानी उसके बाद इसका फायदा नहीं उठा पाएंगे. शहरी इलाकों में पुरानी गाड़ियों की एंट्री पर रोक लगाने की बात कही गई है.

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    10 साल पुरानी गाड़ी बेचने पर 50 हजार की छूट
    सूत्रों के अनुसार 10 साल पुरानी गाड़ी पर 50,000 रुपये तक छूट प्रस्तावित है. हालांकि नकद छूट के प्रस्ताव में फेरबदल हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक, 10 साल पुरानी कॉमर्शियल गाड़ियां बेचने पर 50 हजार रुपये तक की छूट मिलेगी. 10 साल पुरानी पैसेंजर कार बेचने पर 20 हजार रुपये तक की छूट देने का प्रस्ताव है. वहीं, 7 साल पुराने 2-व्हीलर्स और 3-व्हीलर्स बेचने पर 5000 रुपये तक की छूट मिल सकती है. लेकिन ये छूट नई गाड़ियां खरीदने पर ही मिलेगी.

    प्वाइंटर्स

    >> स्क्रैपेज पॉलिसी का ड्रॉफ्ट में नई और पुरानी गाड़ियों के लिए अलग-अलग रोड टैक्स रखने का प्रस्ताव रखा गया है.
    >>पुरानी गाड़ियों पर ज्यादा फिटनेस सर्टिफिकेट फीस रखने का प्रस्ताव है.
    >> अब पुरानी गाड़ियों की स्क्रैपिंग के लिए NOC लेना आसान होगा.
    >> इसके साथ ही स्क्रैप्ड गाड़ियों के बदले नई गाड़ी खरीदने पर ज्यादा छूट भी मिलेगी.
    >>अब नई गाड़ी खरीदने पर रजिस्ट्रेशन फीस नहीं देनी होगी.
    >> स्क्रैपेज सर्टिफिकेट ट्रांसफरेबल होगा.
    >> शहरी इलाकों में पुराने ट्रक्स की एंट्री पर रोक लगेगी.
    >> राज्य 15 साल या ज्यादा पुरानी गाड़ियों पर ज्यादा रोड टैक्स लगा सकेंगे.
    >> राज्यों को स्क्रैपिंग सर्टीफिकेट के बदले रोड टैक्स में छूट देने को कहा जाएगा.

    (रोहन सिंह, संवाददाता- CNBC आवाज़)

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