लाइव टीवी

मोदी सरकार GST को लेकर जल्द कर सकती है ये बड़े बदलाव!

News18Hindi
Updated: October 11, 2019, 10:00 AM IST
मोदी सरकार GST को लेकर जल्द कर सकती है ये बड़े बदलाव!
गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स की स्लैब और दरें एक बार फिर की जा सकती हैं तय

GST की लॉन्चिंग मोदी सरकार (Modi Government) का एक बड़ा प्रोजेक्ट रही है. इस टैक्स प्राणाली (Tax System) की लॉन्चिंग को दो साल हो चुके हैं. इसके बाद केंद्र सरकार ने इसकी सबसे बड़ी समीक्षा शुरू करने का फैसला लिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 11, 2019, 10:00 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. GST की लॉन्चिंग मोदी सरकार (Modi Government) का एक बड़ा प्रोजेक्ट रही है. इस टैक्स प्राणाली (Tax System) की लॉन्चिंग को दो साल हो चुके हैं. इसके बाद केंद्र सरकार अब इसकी सबसे बड़ी समीक्षा शुरू करने जा रही है. इसके तहत गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (Goods And Service Tax) की स्लैब और दरें एक बार फिर से तय की जा सकती हैं. GST सिस्टम की खामियों को कम करने के लिए और GST कलेक्शन को बढ़ाने के लिए सरकार ने अब रिव्यू करने का फैसला किया है. टाइम्स ऑफ़ इंडिया की खबर के मुताबिक GST की इस व्यवस्था की समीक्षा का काम केंद्र और राज्य सरकार के 12 अधिकारियों की एक कमिटी को सौंपा गया है. शुक्रवार को पीएमओ की ओर से राज्य के सचिवों पर जीएसटी को लेकर बातचीत प्रस्तावित है. उससे ठीक पहले इस पैनल के गठन का फैसला लिया गया है. मीटिंग में राज्यों से जीएसटी के कलेक्शन को बढ़ाने को कहा जा सकता है.

इन मुद्दो पर किया जा सकता है विचार
TOI में छपी खबर के मुताबिक यह पैनल इस बात पर विचार करेगा कि आखिर किस तरह से जीएसटी के मिसयूज रोका जा सके, और ऐसे नियम बनें जिससे अपनी मर्ज़ी से लोग जीएसटी के दायरे में जुड़ना चाहें. रेस्तरां जैसे सेक्टर्स के जीएसटी से बचने और अन्य लीकेज को रोकने पर भी पैनल विचार करेगा. जीएसटी रिव्यू कमिटी की ओर से राज्यों सरकारों से कुछ प्रॉडक्ट्स को जीएसटी स्लैब में लाने पर विचार करने को कहा जा सकता है.

ये भी पढ़ें: SBI ने 220 डिफॉल्टर्स के ₹76,600 करोड़ का कर्ज खत्म किया, RTI से खुलासा

जीएसटी कलेक्शन में लगातार आ रही है कमी
बीते कुछ महीनों में जीएसटी कलेक्शन में कमजोरी देखने को मिली है. इस फाइनेंशियल इयर की पहली छमाही में जीएसटी कलेक्शन की ग्रोथ 5 फीसदी से कम रही है, जबकि लक्ष्य 13 फीसदी से ज्यादा इजाफे का था. हालांकि स्लोडाउन के चलते भी जीएसटी में कमी देखने को मिली है. खासतौर पर ऑटो सेल्स में कमी और बाढ़ के चलते भी यह स्थिति पैदा हुई है.

विपक्ष का ये है कहना
Loading...

बीते कुछ सप्ताह में विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों ने जीएसटी में कलेक्शन के लिए केंद्र पर ही हमला बोला है. विपक्षी सरकारों का कहना है कि कलेक्शन में कमी की वजह इसकी डिजाइनिंग में कमी है. इसके अलावा कई राज्यों ने टैक्स में कटौती को भी कलेक्शन में कमी की वजह बताया है.

ये भी पढ़ें: झटका! मूडीज ने भारत का ग्रोथ रेट अनुमान घटाकर 5.8 फीसदी किया

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 11, 2019, 9:00 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...