लॉकडाउन के बाद मिलावटखोरों के खिलाफ मोदी सरकार का सख्त एक्शन, राज्य सरकारों को दिया ये निर्देश

खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश जारि किए हैं.

उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान (Ram Vilas Paswan) ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश जारी किए हैं. सभी राज्य सरकारों को निर्देश में कहा गया है कि खुले में खाद्य तेल की बिक्री (Sale of Edible Oil) पर तुरंत ही रोक लगाई जाए और सख्त एक्शन उठाएं जाएं.

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नई दिल्ली. केंद्र सरकार (Central Government) ने मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त एक्शन लेना शुरू कर दिया है. पिछले कुछ दिनों से केंद्र सरकार को लगातार शिकायतें मिल रहीं थी कि बाजार नियमों के विरुद्ध खाद्य पदार्थों खासकर खाद्य तेल की बिक्री हो रही है. इसको संज्ञान में लेते हुए खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान (Ram Vilas Paswan) ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश जारि किए हैं. मंत्रालय के अपर सचिव ने सभी राज्य सरकारों को पत्र लिख कर सख्त कदम उठाने को कहा है. मंत्रालय ने पत्र में लिखा है कि खुले में खाद्य तेल की बिक्री पर तुरंत ही रोक लगाई जाए और सख्त एक्शन उठाए जाएं. राज्य सरकार पैकिंग के बगैर खाद्य तेल बेच रहे दुकानदारों पर तुरंत ही एक्शन लें. केंद्र सरकार ने कहा है कि राज्य सरकार तत्काल दुषित तेल की बिक्री पर रोक लगाएं.

लॉकडाउन के बाद सरकार का सख्त एक्शन
बता दें कि केंद्र सरकार के इस कदम को लॉकडाउन के बाद मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर अंकुश लगाने के तौर पर देखा जा रहा है. पिछले कुछ दिनों से देश के कई हिस्सों से मिलावट की खबरें आनी शुरू हो गई थीं. हाल ही में दिल्ली-एनसीआर में सरसों के तेल के 33 प्रतिशत सैंपलों में मिलावट पाई गई थी.

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केंद्र सरकार के इस कदम को लॉकडाउन के बाद मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर अंकुश लगाने के तौर पर देखा जा रहा है.


पिछले दिनों भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (Food Safety and Standards Authority of India) ने भी खाने-पीने की चीजों को लेकर एडवाइजरी जारी कर खरीदारी से पहले सावधानी बरतने को कहा था. दिल्ली एनसीआऱ में सरसों के तेल (Mustard oil) में चावल की भूसी के तेल की मिलावट के मामले सामने आए थे. मिलावटी तेल में सस्ते अनाज के तेल का इस्तेमाल किया जा रहा है. हाल ही में दिल्ली-एनसीआर में की गई एक जांच पड़ताल के दौरान पता चला है कि सरसों के तेल के 33 प्रतिशत सैंपल मिलावटी थे. इस तेल में चावल की भूसी का तेल भी मिलाया गया था.

मुनाफाखोरों पर नकेल कसने की तैयारी
केंद्र सरकार के इस कदम को लॉकडाउन के दौरान घाटा पूरा करने वाले बेईमान दुकानदारों पर किया गया कार्रवाई करार दिया जा रहा है. ये लोग अब अनुचित लाभ उठा सकते हैं या स्थिति का फायदा उठाकर मिलावट और धोखेबाजी में लिप्त हो सकते हैं. दालें, अनाज, दूध, मसाले, घी से लेकर सब्जी और फल तक कोई भी खाद्य पदार्थ मिलावट से अछूता नहीं है.

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जानकारों का मानना है कि कोरोना महामारी के चलते वैसे भी इस समय हर आदमी को मजबूत प्रतिरोधक क्षमता की जरूरत है. शरीर को स्वस्थ रखने हेतु प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन तथा खनिज लवण आदि की पर्याप्त मात्रा को आहार में शामिल करना आवश्यक है. ऐसे में अगर मिलावटी तेल या अन्य पदार्थ खाया जाता है तो इससे काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है. खासकर बाजार में मिलने वाली खाद्य सामग्री, दालें, अनाज, दुग्ध उत्पाद, मसाले, तेल इत्यादि मिलावटरहित होनी चाहिए.

 

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