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बैंकों में धोखाधड़ी रोकने के लिए मोदी सरकार ने उठाए ये कदम

वित्त मंत्रालय ने बताया कि बैंक फ्रॉड के खिलाफ क्या कदम उठाए गए
वित्त मंत्रालय ने बताया कि बैंक फ्रॉड के खिलाफ क्या कदम उठाए गए

सरकार ने 50 करोड़ रुपये से अधिक के हर NPA (नॉन प्रॉफिट एसेट) को संभावित फ्रॉड के नज़रिए से जांच करने के निर्देश जारी किए हैं.

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बैंकों में बढ़ रहे फ्रॉड और धोखाधड़ी के मामलों के बाद बाद मोदी सरकार के वित्त मत्रालय ने मंगलवार देर शाम एक प्रेस रिलीज जारी कर ऐसे मामलों में उठाए गए क़दमों की जानकारी मुहैया कराई है. मंत्रालय ने साफ़ कहा है कि RBI (रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया) के जिस डेटा को मीडिया में उछाला जा रहा है वो गलत तरीके से पेश किया गया है, ये डेटा अधूरा है.

वित्त मंत्रालय के मुताबिक सरकार ने बैंकों में धोखाधड़ी के बढ़ते मामले को रोकने के लिए कई ज़रूरी कदम उठाए हैं. सरकार ने धोखाधड़ी करने वालों की पहचान करने और पता लगाने के लिए जांच कराई हैं. साथ ही बैंकिंग सुधारों के माध्यम से बैंकों को धोखाधड़ी रोकने के लिए और अधिकार दिए गए.

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सरकार ने उठाए ये कदम-
>> सरकार ने 50 करोड़ रुपये से अधिक के हर NPA (नॉन प्रॉफिट एसेट) को संभावित फ्रॉड के नज़रिए से जांच करने के निर्देश जारी किए हैं. इसके आलावा अगर कोई खता NPA घोषित हो जाता है तो पब्लिक सेक्टर के बैंकों से को सलाह दी गई है कि केंद्रीय आर्थिक खुफिया ब्यूरो की मदद ली जाए और खाताधारक पर भी निगाह रखी जाए.

>> विलफुल डिफॉल्टर्स के खिलाफ कड़े कदम उठाए गए हैं.  सरकारी बैंकों ने 2,881 विलफुल डिफॉल्टर्स के खिलाफ FIR दर्ज की है.

>> ऑडिटिंग मानकों को लागू करने और ऑडिट की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एक स्वतंत्र नियामक के रूप में स्वतंत्र राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण की स्थापना की है.

>> भगोड़े आर्थिक अपराधियों को भारत की कानूनी प्रक्रिया से बचने से रोकने, उनकी संपत्ति जब्त करने और उन्हें दंडित करने के प्रावधान वाले भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक 2018 को पारित किया.
सरकार की सलाह के अनुसार, सरकारी बैंक अब 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का लोन लेने वाली कंपनियों के प्रोमोटर्स/डायरेक्टर्स और अन्य अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के पासपोर्ट का ब्योरा बैंक को दे रहे हैं. इसके साथ ही संवेदनशील पदों पर अधिकारियों/कर्मचारियों का रोटेशनल ट्रांसफर सुनिश्चित किया गया है.

वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि हाल में एक आरटीआई के जवाब में रिजर्व बैंक द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक धोखाधड़ी के आंकड़े, उनकी रपट लिखाए जाने के साल के हैं. रिजर्व बैंक ने जानकारी दी थी कि 2018-19 में 6,800 बैंक धोखाधड़ी के मामले सामने आए. यह मामले कुल 71,500 करोड़ रुपये के हैं. साल 2017-18 में कुल 5,916 बैंक धोखाधड़ी के मामले सामने आये थे, इस साल 41,167.03 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी दर्ज की गई थी.

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