आपके रहन-सहन और खर्च पर होगी सरकार की नजर, बना रही डाटा बैंक

आपका रहन-सहन हो या खर्च करने का तौर तरीका या फिर कंपनियों के बीच पैसे का लेन देन. अब हर कुछ पर सरकारी की नजर रहने वाली है.

News18Hindi
Updated: July 22, 2019, 11:44 PM IST
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Updated: July 22, 2019, 11:44 PM IST
आपका रहन-सहन हो या खर्च करने का तौर तरीका या फिर कंपनियों के बीच पैसे का लेन देन. अब हर कुछ पर सरकारी की नजर रहने वाली है. सीएनबीसी आवाज को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक इसके लिए दो अलग-अलग डाटा बैंक बनाए जा रहे हैं. जल्द ही कैबिनेट से इसकी मंजूरी भी मिलने वाली है. आइए जानते हैं ये दोनों डाटा बैंक कैसे काम करेंगे और कब तक इस पर फैसला होने की संभावना है.

10 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है FDMC
सरकार का इरादा दो मकसद को पाना है. पहला मकसद तो ये है कि कंपनियों में आमतौर पर जो जोखिम बाद में चलकर देखते हैं या कंपनियों की वित्तीय हालत अचानक कमजोर हो जाती है या फिर कोई बड़ी वित्तीय गड़बड़ी का पता चलता है. ये इसलिए पता चलता है कि कोई जरूरी डाटा की जानकारी हमारे पास नहीं होती है या फिर अलग-अलग जांच एजेंसियां अपने पास डाटा रखती हैं. अब सरकार इसके लिए फाइनेंशियल डाटा मैनेजमेंट सेंटर (FDMC) बनाने जा रही है. 10 करोड़ रुपये की लागत से FDMC बनाया जा रहा है. हालांकि इसका ऐलान बजट 2016-17 में किया गया था, लेकिन अब तक इसको पूरा नहीं किया गया था. अब सूत्र बता रहे हैं कि कैबिनेट नोट तैयार कर लिया गया है और किसी भी वक्त कैबिनेट से इसे मंजूरी मिल सकती है.

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ये फाइनेंशियल डेटा मैनेजमेंट सेंटर होगा उसमें जितने भी फाइनेंशियल सेक्टर के रेगुलेटर होंगे. जितने भी फाइनेंशियल सेक्टर के संस्था हैं, सब अपने डाटा उस प्लेटफॉर्म पर साझा करेंगे. ताकि समय रहते पता चल सके कि कहां पर कोई फाइनेंशियल रिस्क है और समय रहते कदम उठाया जा सके.

नीति आयोग के तहत तैयार किया जाएगा ये प्लेटफॉर्म
आम लोगों के रहन-सहन और खर्च से जुड़ी जानकारी के लिए नीति आयोग नेशनल डाटा एंड एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म बना रहा है. इसके लिए एक टेंडर भी जारी हो चुका है. इसमें ये होगा कि हम किस तरह से खर्च करते हैं, हमारी आमदनी क्या है, हम कैसे रहते हैं? इसका असली मकसद ये है कि जो नीति बनाए जाएं वो टारगेट करके बनाए जाएं और नीति को सफलतापूर्वक लागू किया जा सके.
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प्वाइंटर
> सरकार दो अलग अलग डाटा बैंक बना रही है
>> फाइनेंशियल डेटा मैनेजमेंट सेंटर (FDMC) को कैबिनेट से मंजूरी जल्द
>> वित्त मंत्रालय के इकोनॉमिक अफेयर्स मंत्रालय के तहत होगा FDMC
>> करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है FDMC
>> FDMC में वित्तिय मामलों से जुड़ी हर जानकारी इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में रखी जाएगी
>> कंपनी, इंडिविजुअल की आमदनी, इनकम टैक्स रिटर्न, कर्ज, की जानकारी होगी
>> कंपनी औऱ बड़े टैक्स पेयर्स का ट्रैक रिकॉर्ड से जुड़े आंकड़े होंगे
>> सभी फाइनांशियल रेगुलेटर, जांच एजेंसियां डाटा साझा करेंगी
>> वित्तिय घोटाले या जोखिम को समय से पहले पकड़ने में मिलेगी मदद
>> दूसरा डाटा बैंक होगा, नेशनल डेटा एंड एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म
>> नीति आयोग के तहत तैयार किया जाएगा ये प्लेटफॉर्म
>> इस डाटा बैंक के लिए नीति आयोग ने टेंडर जारी किया
>> आम लोगों के खर्च, आमदनी, रहन सहन से जुड़े आंकड़े जुटाए जाएंगे
>> सफलतापूर्वक सरकारी योजनाओं को बनाने और लागू करने में मिलेगी मदद

(लक्ष्मण रॉय, इकोनॉमिक पॉलिटिकल एडिटर- CNBC आवाज़)

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First published: July 22, 2019, 11:15 PM IST
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