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बैंकों को राहत देने के लिए मोदी सरकार का बड़ा प्लान तैयार, होगा ये असर

News18Hindi
Updated: November 28, 2019, 12:59 PM IST

सरकार (Government) जल्द ही बैंकिंग सेक्टर (Banking Sector) के लिए स्ट्रेस एसेट फंड (Stress Asset Fund) जैसी कोई खास स्कीम ला सकती है.

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  • Last Updated: November 28, 2019, 12:59 PM IST
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नई दिल्ली. सरकार (Government) जल्द ही बैंकिंग सेक्टर (Banking Sector) के लिए स्ट्रेस एसेट फंड (Stress Asset Fund) जैसी कोई खास स्कीम ला सकती है. इस स्कीम के ऊपर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), वित्त मंत्रालय (Finance Ministry), नीति आयोग (Niti Aayog) के बीच कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं. अब ये स्कीम काफी अंतिम चरण में है. हो सकता है कि पूरे बैंकिंग सेक्टर के लिए स्ट्रेस एसेट फंड लाया जाए.

इस स्ट्रेस एसेट फंड को लाने का लक्ष्य बैंकिंग सेक्टर पर जो सारे नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) हैं उसको खरीद लेना है और फिर स्ट्रेस एसेट को कैसे बेचकर मोनेटाइज कर पैसा जुटाना है, इसके लिए काम करेगा. इसका सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि बैंकिंग सेक्टर के ऊपर जो एनपीएन का बोझ है वो बैंकों के ऊपर से हट जाएगा. क्योंकि स्ट्रेस एसेट फंड इसे खरीद लेगा. इससे बैंकिंग सेक्टर के लिए कर्ज देने का रास्ता और आसान हो जाएगा. स्ट्रेस एसेट की वजह से बैंकों की जो माली हालत है उसमें सुधार होगी. बता दें कि करीब 10 साल पहले अमेरिका में भी इस तरह की स्कीम बैंकिंग सेक्टर को राहत दिलाने के लिए लाई गई थी.

एनपीए में बढ़ोतरी
आंकड़ों के मुताबिक, 2020 की पहली तिमाही में 44 लिस्टेड बैंकों का ग्रॉस एनपीए 9.27 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा था. जो मार्च 2014 में 2.41 लाख करोड़ रुपये था. 2.41 लाख करोड़ रुपये का एनपीए बढ़कर 9.27 लाख करोड़ रुपये हो गई, जो बैंकिंग सेक्टर के लिए बहुत बड़े संकट की स्थिति थी. इसमें सरकार अभी संकट से निपटना चाहती है. इसलिए स्ट्रेस एसेट फंड लाने की तैयारी चल रही है. ये भी पढ़ें: रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बनाया सबसे बड़ा रिकॉर्ड! मार्केट कैप 10 लाख करोड़ के पार



रियल एस्टेट और NBFC सेक्टर को बड़ी राहत संभव
इस स्ट्रेस एसेड फंड के अलावा दो और ऐसी खास स्कीम पर काम चल रहा है. रियल एस्टेट और एनबीएफसी सेक्टर के लिए राहत मिलने की संभावना है. इन दोनों सेक्टर में जो स्ट्रेस एसेट है उसको कैसे दूर किया जाए. उसके लिए कई सारी स्कीम आ सकती है. टॉप 25 एनबीएफसी कंपनियों के स्ट्रेस एसेट्स को दूर किया जाए.
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रियल एस्टेट सेक्टर के लिए जो एनपीए की शर्त है, उसमें एक समय के लिए एक साल की ढील दे दी जाए. इसमें इस बात के लिए वित्त मंत्रालय लगातार रिजर्व बैंक से वकालत कर रहा है.

स्ट्रेस एसेड फंड के अलग-अलग विकल्पों पर विचार
बता दें कि स्ट्रेस एसेट फंड के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय, वित्त मंत्रालय और आरबीआई में चर्चा हो चुकी है, सिर्फ मुद्दा ये है कि इसमें कितना बड़ा फंड हो और यह आरबीआई बैक्ड फंड होगा यानी आरबीआई की तरफ से पोषित फंड होगा. इस फंड की रूपरेखा क्या हो इसको तय किया जाना है.

वित्त मंत्रालय भी यही चाहता है कि रियल एस्टेट सेक्टर को 1 साल के लिए एनपीए की शर्तों में ढील दी जाए ताकि जो स्ट्रेस एसेट्स है उनको एनपीए क्लासीफाई ना किया जाए. इस बात की भी शर्त में ढील दें ताकि बैंकों के लिए कर्ज देने का रास्ता खुल सके.

(लक्ष्मण रॉय, इकोनॉमिक पॉलिटिकल एडिटर- CNBC आवाज़)

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First published: November 28, 2019, 12:49 PM IST
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