मोदी सरकार ने मुफ्त अनाज देने का किया ऐलान, 80 करोड़ लोगों को जून तक फ्री में मिलेगा राशन

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (PM Garib Kalyan Ann Yojana) के तहत सरकार ने 80 करोड़ लोगों को प्रति माह प्रति व्यक्ति 5 किलो मुफ्त अनाज 2 महीने के लिए देने का ऐलान किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 24, 2021, 11:02 AM IST
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नई दिल्ली. देश में कोरोना संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने गरीबों को राहत देते हुए बड़ा ऐलान किया. सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (PM Garib Kalyan Ann Yojana) का लाभ अगले दो महीने मई और जून में देने की घोषणा की है. इसके तहत गरीबों को 5 किलो खाद्यान्न मुफ्त में उपलब्ध कराया जाएगा. सरकार के इस फैसले का लगभग 80 करोड़ लोगों को फायदा होगा. माना जा रहा है इससे गरीबों को राहत मिलेगी.

लाभार्थियों को मुफ्त अनाज प्रदान करने के लिए भारत सरकार ने पिछले साल की प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के समान 80 करोड़ लाभार्थियों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है.

मिलेगा प्रति व्यक्ति 5 किलो मुफ्त अनाज

सरकार द्वारा मंजूर की गई इस योजना के तहत प्रति माह प्रति व्यक्ति 5 किलो मुफ्त अनाज 2 महीने के लिए लगभग 80 करोड़ लोगों को दिया जाएगा. भारत सरकार इस पहल पर 26,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करेगी. इसका फैसला लेने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने जोर देकर कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि जब देश को कोरोना वायरस की दूसरी लहर का सामना करना पड़ रहा है, तो देश के गरीबों को पोषण का समर्थन मिले.


किसे और कितना मिलेगा लाभ

इस योजना के तहत राशनकार्ड धारकों को लाभ मिलेगा. अगर आपके राशन कार्ड में 4 लोगों के नाम दर्ज हैं तो सभी को 5 5 किलो यानी कुल कुल 20 किलो अनाज मिलेगा. यह अनाज आपको राशनकार्ड पर हर महीने मिलने वाले अनाज से अलग होगा. यानी अगर आपको एक महीने में राशन कार्ड पर 5 किलो अनाज मिलता है तो अब मई और जून में आपको 5 + 5 यानी कुल 10 किलो अनाज मिलेगा.



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जानिए कहां से ले सकते हैं राशन

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मई और जून में दिया जाने वाला ये अनाज भी आपको उसी राशन की दुकान से मिलेगा जहां से आप राशनकार्ड से अनाज लेते रहे हैं.

पिछले साल की गई थी योजना की शुरुआत

पिछले साल कोरोना महामारी को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना की शुरुआत की थी. लॉकडाउन में सभी प्रकार की आर्थिक गतिविधियां बंद हो गईं थीं और प्रवासी श्रमिक अपने घर को लौट रहे थे. उन्हें भोजन के लिए परेशानी न हो, इसी उदेश्य से केंद्र सरकार ने इस योजना की शुरुआत की थी.
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