अपनी कंगाली के लिए भी भारत को दोष दे रहा है पाकिस्तान

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Updated: August 26, 2019, 8:49 PM IST
अपनी कंगाली के लिए भी भारत को दोष दे रहा है पाकिस्तान
FATF में पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट कराने की कोशिश कर रहा भारत

इमरान खान (Imran Khan) ने कश्मीर (Kashmir) मामले पर देश को संबोधित करते हुए कहा कि भारत (India) FATF में पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट कराने की कोशिश कर रहा है.

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  • Last Updated: August 26, 2019, 8:49 PM IST
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पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है. इमरान खान ने कश्मीर (Kashmir) मामले पर देश को संबोधित करते हुए कहा कि भारत (India) फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) में पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट कराने की कोशिश कर रहा है. बता दें कि पिछले हफ्ते FATF के एशिया पैसिफिक ग्रुप ने पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट कर दिया है. वहीं अब पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के वित्तपोषण की निगरानी करने वाली संस्था FATF द्वारा ब्लैकलिस्ट किए जाने का डर सता रहा है.

FATF के इस ग्रुप ने पाकिस्तान को किया ब्लैकलिस्ट
FATF के एशिया पैसिफिक ग्रुप ने शुक्रवार को पाकिस्तान को वैश्विक मानकों को पूरा करने में विफलता के लिए 'ब्लैकलिस्ट' में डाल दिया. एफएटीएफ ने मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग के 40 में से 32 पैरामीटर पर पाकिस्तान को अयोग्य पाया. पिछले साल पाकिस्तान को 'ग्रे लिस्ट' में डाला गया था. इससे पहले भी पाकिस्तान साल 2012 से 2015 तक FATF की ग्रे लिस्ट में रहा है.

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अक्टूबर में खत्म हो रही समय सीमा
FATF अक्टूबर में होने वाली अपनी बैठक में पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट में डालने के बारे में फैसला लेगा. एफएटीएफ ने पाकिस्‍तान को ब्‍लैक लिस्‍ट होने से खुद को बचाने के लिए 27 सूत्रीय एक्‍शन प्‍लान सौंपा था. पिछली बैठक में एफएटीएफ ने आतंकियों और उनकी फंडिंग के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने के लिए पाकिस्‍तान को 15 महीने की मोहलत दी थी. यह समय सीमा अक्‍टूबर में खत्‍म हो रही है

ब्लैकलिस्ट करने का मतलब
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FATF की ओर से किसी देश को ब्लैकलिस्ट करने का मतलब है कि वह देश मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी गतिविधियों के लिए फंडिंग के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में सहयोग नहीं कर रहा है. ऐसे में अगर एफएटीएफ पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट कर देता है तो इससे आईएमएफ, वर्ल्ड बैंक, यूरोपीय संघ जैसे बहुपक्षीय कर्जदाता उसकी ग्रेडिंग कम कर सकते हैं. लिहाजा दुनियाभर के देशों की ओर से आर्थिक सहायता मिलने का रास्ता पूरी तरह से बंद हो जाएगा.

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क्या है FATF?
G-7 देशों की पहल पर एफएटीएफ की स्थापना 1989 में हुई थी. ये एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है. इस संगठन के सदस्यों की संख्या 37 है. भारत भी इस संगठन का सदस्य है. इसका मुख्य उद्देश्य मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग पर लगाम लगाने में नाकाम देशों की रेटिंग तैयार करना है. एफएटीएफ ऐसे देशों की दो लिस्ट तैयार करता है. पहली लिस्ट ग्रे और दूसरी ब्लैक होती है. ग्रे लिस्ट में शामिल होने वाले देशों को अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से आर्थिक मदद मिलने में मुश्किल होती है. वहीं, ब्लैकलिस्ट में आने वाले देशों को आर्थिक सहायता मिलने का रास्ता पूरी तरह से बंद हो जाता है.

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First published: August 26, 2019, 7:31 PM IST
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