टैक्स से जुड़े मामलों को जल्द निपटाने के लिए उठाएं 'विवाद से विश्वास' स्कीम का फायदा, जानिए सभी सवालों के जवाब

टैक्स से जुड़े मामलों को निपटाने के लिए उठाएं विवाद से विश्वास स्कीम का फायदा

(Modi Government) ने टैक्स से जुड़े (Income Tax Case) सभी मामलों को जल्द निपटाने के लिए खास स्कीम 'विवाद से विश्वास' स्कीम (Vivad se Vishwas Scheme) शुरू की हुई है. इस स्कीम को लाने का मकसद लंबित कर विवादों का समाधान करना है.

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    नई दिल्ली. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Modi Government) ने टैक्स से जुड़े (Income Tax Case) सभी मामलों को जल्द निपटाने के लिए खास स्कीम 'विवाद से विश्वास' स्कीम (Vivad se Vishwas Scheme) शुरू की हुई है. इस स्कीम को लाने का मकसद लंबित कर विवादों का समाधान करना है. तमाम अदालतों में प्रत्यक्ष कर से जुड़े 9.32 लाख करोड़ रुपये के 4.83 लाख मामले लंबित हैं. इस स्कीम के तहत करदाताओं को केवल विवादित टैक्स राशि का भुगतान करना होगा. उन्‍हें ब्याज और जुर्माने पर पूरी छूट मिलेगी. जिन मामलों में केवल ब्याज या जुर्माना बनता है, वहां विवादित ब्याज या जुर्माने का 25 फीसदी 31 मार्च तक भुगतान करना था. उसके बाद यह राशि बढ़कर 30 फीसदी हो गई है.

    आइए जानें विवाद से विश्वास स्कीम के बारे में सबकुछ...

    कौन उठा सकता है स्‍कीम का फायदा?
    बिल के अनुसार, 31 जनवरी 2020 तक जो मामले कमिश्‍नर (अपील), इनकम टैक्‍स अपीलीय ट्रिब्‍यूनल, हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में लंबित थे, उन टैक्‍स के मामलों पर यह स्‍कीम लागू होगी. लंबित अपील टैक्‍स विवाद, पेनाल्‍टी या ब्‍याज से जुड़ी हो सकती है. एसेसमेंट या रीएसेसमेंट से भी इसका नाता हो सकता है.

    (1) कैसे काम करती है स्‍कीम?
    जवाब-  बिल में स्‍कीम के विवरण के अनुसार, प्राधिकृत अधिकारी 15 दिनों के भीतर उस देय राशि को तय करेगा जो करदाता अपने डेक्‍लरेशन में बताएगा. इसके बाद करदाता को एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा. इसमें निर्धारण के बाद टैक्‍स एरियर या देय रकम बताई जाएगी. निर्धारण के बाद बनी रकम को करदाता को अदा करना होगा. यह काम सर्टिफिकेट मिलने के 15 दिनों के अंदर करना है. ऐसा करके उसे प्राधिकृत अधिकारी को जानकारी देनी है. इसके बाद प्राधिकृत अधिकारी के आदेश पारित करेगा जिसमें वह बताएगा कि करदाता ने राशि जमा कर दी है. गोराडिया कहते हैं, ''यह स्‍कीम 31 जनवरी, 2020 तक लंबित सभी मामलों को कवर करती है. यह अच्‍छा मौका है. करदाता अपने विवाद को निपटाकर दोबारा नई शुरुआत कर सकते हैं.''

    (2) कौन नहीं ले सकते हैं स्‍कीम का फायदा?
    जवाब- स्‍कीम का फायदा उन बकाया टैक्‍स मामलों में नहीं लिया जा सकेगा जो नीचे बताए गए मामलों से जुड़े हैं:

    1. एसेसमेंट वर्ष के संबंध में जिसमें सेक्‍शन 153ए या सेक्‍शन 153सी के तहत एसेसमेंट किया गया है.

    2. एसेसमेंट वर्ष के संबंध में जहां डेक्‍लेरेशन फाइल करने से पहले साबित हो चुका है कि देनदारी वाजिब है.

    3. देश के बाहर से किसी स्रोत से इनकम हुई है और उसे छुपाया गया है.

    4. सेक्‍शन 90 या सेक्‍शन 90 से जुड़े मामलो में भी स्‍कीम का फायदा नहीं लिया जा सकेगा.

    5. जिनके खिलाफ विभिन्‍न प्रावधानों के तहत डेक्‍लेशन फाइल करने से पहले हिरासत का आदेश पारित हो गया है.

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