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जूट कंपनियों को बचाने के लिए मोदी सरकार ने लिया बड़ा फैसला, बांग्लादेश की बढ़ी मुश्किलें

भाषा
Updated: November 14, 2019, 2:32 PM IST
जूट कंपनियों को बचाने के लिए मोदी सरकार ने लिया बड़ा फैसला, बांग्लादेश की बढ़ी मुश्किलें
जूट की बोरी, धागे पर डम्पिंगरोधी शुल्क का दायरा बढ़ाया गया

घरेलू जूट कंपनियों को सस्ते इंपोर्ट से बचाने की कोशिश. सरकार ने एंटी डंपिंग ड्यूटी (Anti-Dumping Duty)का दायरा बढ़ाया.

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नई दिल्ली. सरकार (Government) ने घरेलू जूट कंपनियों (Domestic Jute Companies) को सस्ते आयात (Cheap Import) से संरक्षित करने के लिए बांग्लादेश (Bangladesh) से जूट के धागे ( Jute Yarn) और जूट की बोरी (Sacking Bags) के आयात पर डम्पिंग रोधी शुल्क (Anti-Dumping Duty) का दायरा बढ़ाते हुए और कंपनियों को इस शुल्क के दायरे में लिया है.

एक अधिसूचना में, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड ने कहा है कि उसने एक जनवरी 2017 की एक अधिसूचना में संशोधन करते हुए एंटी-डंपिंग ड्यूटी के दायरे में बांग्लादेश की कुछ और कंपनियों को शामिल करने की व्यवस्था की है. यह शुल्क 97.19 डॉलर प्रति टन से 125.21 डॉलर प्रति टन के दायरे में हैं.

2017 में पहली बार लगा था एंटी-डंपिंग ड्यूटी
वर्ष 2017 में पहली बार घरेलू कंपनियों की रक्षा करने के लिए बांग्लादेश से आने वाले जूट के धागे और जूट की बोरी के आयात पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाया गया था. एंटी-डंपिंग ड्यूटी किसी देश की खास कंपनियों पर लगाई जाती है. ये भी पढ़ें: किसानों के लिए अच्छी खबर, नकली बीज बेचने पर लगेगा ₹5 लाख तक जुर्माना

प्रतीकात्मक तस्वीर


स्थानीय कंपनियों की शिकायत के आधार पर, व्यापार विवाद निदान महानिदेशालय, (पूर्ववर्ती डीजीएडी) ने वर्ष 2015 में इन उत्पादों के आयात की जांच शुरू की थी. जूट उद्योग में पश्चिम बंगाल का स्थान प्रमुख है, जहां इस क्षेत्र में साढ़े तीन से 4 लाख लोग काम करते हैं.

विभिन्न देश डंपिंग की यह पता लगाने के लिए जांच करते हैं कि सस्ते आयात में उछाल आने से उनके घरेलू उद्योगों को नुकसान तो नहीं पहुंचा है. एक निरोधक उपाय के रूप में, वे विश्व व्यापार संगठन के बहुपक्षीय व्यवस्था के तहत शुल्कों को लगाते हैं. एंटी-डंपिंग ड्यूटी का उद्देश्य निष्पक्ष व्यापार प्रथाओं को सुनिश्चित करना तथा विदेशी उत्पादकों और निर्यातकों के संदर्भ में घरेलू उत्पादकों के लिए प्रतिस्पर्धा के समान स्तर को सुनिश्चित करना है.
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First published: November 14, 2019, 2:25 PM IST
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