इस बिजनेस को शुरू करने के लिए सरकार देगी आधे से ज्यादा पैसा, जानें क्या है प्लान?

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Updated: September 11, 2019, 6:52 PM IST
इस बिजनेस को शुरू करने के लिए सरकार देगी आधे से ज्यादा पैसा, जानें क्या है प्लान?
गाय के गोबर और गोमूत्र से प्रोडक्ट बनाने का शुरू करें बिजनेस

गाय के गोबर (Cow Dung) और गोमूत्र (Urine) से प्रोडक्ट बनाने का बिजनेस शुरू करने वालों को मोदी सरकार (Modi Government) प्रोजेक्ट कॉस्ट का आधे से ज्यादा पैसा देगी.

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  • Last Updated: September 11, 2019, 6:52 PM IST
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नई दिल्ली. अगर आप बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है. गाय के गोबर (Cow Dung) और गोमूत्र (Urine) से प्रोडक्ट बनाने का बिजनेस शुरू करने वालों को मोदी सरकार (Modi Government) प्रोजेक्ट कॉस्ट का आधे से ज्यादा पैसा देगी. मतलब, डेयरी के साथ-साथ गाय के गोबर और गोमूत्र से बने उत्पाद बनाने वाले स्टार्टअप को सरकार शुरुआती निवेश की 60 फीसदी फंडिंग करेगी.

बजट में राष्ट्रीय कामधेनु आयोग की हुई थी घोषणा
बता दें कि 1 फरवरी 2019 को पेश हुए अंतरिम बजट में सरकार ने राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के गठन की मंजूरी दी थी. सरकार ने राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के लिए 500 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी. राष्ट्रीय कामधेनु आयोग पशुचिकित्सा, पशु विज्ञान या कृषि विश्वविद्यालय या केंद्र/राज्य सरकार के विभागों या संगठन के सहयोग से काम करेगा, जो गाय के प्रजनन, पालन, जैविक खाद, बायोगैस आदि के कार्य में लगे हैं.

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औषधीय और कृषि कार्यों में इस्तेमाल
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टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक डेयरी के साथ-साथ गाय के गोबर और गोमूत्र से बने उत्पाद बनाने वाले स्टार्टअप के लिए शुरुआती निवेश की 60 फीसदी सरकारी फंडिंग मिलेगी. काउ बोर्ड के चेयरमैन वल्लभ कठेरिया के मुताबिक युवाओं को गाय और उसके बाय प्रोडक्ट आधारित उद्योग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और उनसे गाय का इस्तेमाल दूध और घी के लिए ही नहीं, बल्कि गौमूत्र और गाय के गोबर के औषधीय और कृषि कार्यों में इस्तेमाल पर जोर दिया जाएगा.

गौशाला चलाने वालों को ट्रेनिंग
कठेरिया ने कहा कि गोमूत्र और गाय के गोबर का औद्योगीकरण लोगों को प्रोत्साहित करेगा कि वे ऐसी गायों को न छोड़ें जिन्होंने दूध देना बंद कर दिया है. हम काउ बाय प्रॉडक्ट्स के औषधीय मूल्यों पर होने वाले रिसर्च को भी प्रोत्साहित करेंगे. बोर्ड ऐसे बाय प्रॉडक्ट्स के लिए स्कॉलर्स और रिसर्चर्स को अपना प्रॉजेक्ट दिखाने के लिए एक प्लेटफॉर्म भी देगा.

उन्होंने आगे कहा, जो लोग पहले से ही गौशाला चला रहे हैं, हम उनके लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम्स और स्किल डिवेलपमेंट कैंप का भी आयोजन करेंगे. बता दें कि बोर्ड चेयरमैन ने पहले ही काउ टूरिज्म सर्किट को बढ़ावा देने की योजना का ऐलान किया हुआ है.

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First published: September 11, 2019, 12:27 PM IST
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