मोदी सरकार का ग्राहकों बड़ा तोहफा, अब फोन की तरह बदलें बिजली कंपनी

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Updated: August 28, 2019, 2:15 PM IST

पावर सेक्टर (Power Sector) में बड़े सुधार के मद्देनजर ग्राहकों को और ज्यादा सुविधाएं देने के लिए पावर सप्लाई (Power Supply) को सुनिश्चित करने के लिए सरकार बड़े सुधार करने जा रही है.

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मोदी सरकार (Modi Government) ग्राहकों को एक बड़ी सुविधा देने जा रही है. पावर सेक्टर (Power Sector) में बड़े सुधार के मद्देनजर ग्राहकों को और ज्यादा सुविधाएं देने के लिए पावर सप्लाई (Power Supply) को सुनिश्चित करने के लिए सरकार बड़े सुधार करने जा रही है. अगर मौजूदा बिजली वितरण (Power Distribution) कंपनी सही सर्विस नहीं दे रही है तो आपको पास विकल्प होगा कि दूसरी कंपनी का चयन कर लें. इसके लिए सभी राज्यों को ऊर्जा मंत्रालय (Power Ministry) ने निर्देश दिया है और ये कहा है कि फ्रेंचाइजी मॉडल (Franchise Model) को अपनाएं. मतलब एक एरिया में कई पावर डिस्ट्री्ब्यूशन कंपनी हों. ऊर्जा मंत्रालय ने ये भी निर्देश दिया है कि 3 महीने में निजी कंपनियों के चुननें के लिए बिडिंग प्रक्रिया शुरू की जाए.

कमिशन के आधार पर मिलेगा वितरण का अधिकार
दरअसल, सरकार ये चाहती है कि निजी कंपनियों के आने से पावर इफिशियंसी और सप्लाई बढ़ेगी. निजी कंपनी की जिम्मेदारी बिल कलेक्शन और पावर कनेक्शन देने की होगी. इसके साथ ही पावर सप्लाई की भी जिम्मेदारी उनकी ही होगी. ये कमिशन के आधार पर तय किया जाएगा. ये भी पढ़ें: यात्रीगण ध्यान दें! ट्रेन में बदल चुका है सोने का समय, जान लें फायदे में रहेंगे आप



मतलब सरकारी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी बिजली खरीदेगी और साथ ही साथ ट्रांसमिशन का जो अधिकार वो सरकारी कंपनी के पास ही रहेगी. लेकिन जो बिजली सप्लाई का अधिकार हो वो निजी बिजली कंपनियों को दिया जाएगा. इसके बदले में सरकारी कंपनी को कमिशन मिलेगी. ये मॉडल अपनाया गया है. इसके साथ ही इसके लिए इलेक्ट्रिसिटी एक्ट में बदलाव की जरूरत नहीं होगी. क्योंकि इसमें फ्रेंचाइजी मॉडल को अपनाया जा रहा है.

सरकार ने इसके लिए कुछ शर्तें भी जोड़ी हैं. अगर कोई सरकारी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी इस मॉडल को नहीं अपनाती है तो उसे REC और PFC की तरफ से लोन नहीं मिलेंगे और साथ ही साथ जो सरकारी मदद है चाहे वो दीनदयाल उपाध्याय योजना या आईपीडीएस के तहत है, उसके तरफ से भी सरकारी मदद नहीं मिलेगी जो इस मॉडल को नहीं अपनाएगा.

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(प्रकाश प्रियदर्शी, संवाददाता- CNBC आवाज़)

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First published: August 28, 2019, 2:15 PM IST
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