लाइव टीवी

दुनिया की 324 बड़ी कंपनियों को भारत में फैक्ट्री लगाने के लिए आसानी से मिलेगी जमीन, सरकार का नया मास्टर स्ट्रोक

News18Hindi
Updated: November 21, 2019, 2:29 PM IST
दुनिया की 324 बड़ी कंपनियों को भारत में फैक्ट्री लगाने के लिए आसानी से मिलेगी जमीन, सरकार का नया मास्टर स्ट्रोक
केंद्र विश्व की 324 बड़ी कंपनियों को भारत निवेश

मोदी सरकार (Modi Government) एक नए मास्टर प्लान (Master Plan) पर काम कर रही है. एक रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र विश्व की 324 बड़ी कंपनियों को भारत निवेश (Investment in India) करने के लिए जमीन देने पर विचार कर रहा है. जानिए इससे भारत को क्या फायदा होगा..

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 21, 2019, 2:29 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. मोदी सरकार (Modi Government) एक नए मास्टर प्लान (Master Plan) पर काम कर रही है. एक रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र विश्व की 324 बड़ी कंपनियों को भारत निवेश (Investment in India) करने के लिए जमीन देने पर विचार कर रहा है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, इन कंपनियों में एलन मस्क की टेस्ला, एली लिली ऐंड कॉर्पोरेशन, साउथ कोरिया की हनवाह केमिकल कॉर्पोरेशन, ताइवान की होन है प्रीसिसन इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन जैसी कंपनियां शामिल हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को मात्र 5300 करोड़ रुपये का फायदा हुआ, जबकि उम्मीद की जा रही थी कि भारत का निर्यात करीब 11 अरब डॉलर (करीब 77 हजार करोड़ रुपये) बढ़ जाएगा. उस रिपोर्ट में कहा गया था कि टैरिफ वॉर का सबसे ज्यादा फायदा ताइवान, मेक्सिको और वियतनाम जैसे देशों को हुआ था.

भारत में बिजनेस करना हुआ आसान- भारत ईज ऑफ डूइंग बिजनस के मामले में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है. वर्ल्ड बैंक की तरफ से जारी होने वाली इस लिस्ट में भारत अभी 63वें पायदान पर है. हालांकि 2017 के मुकाबले इसमें 37 पायदान का सुधार आया है.

ये भी पढ़ें: शुरू करें गोबर से कागज बनाने का बिजनेस कम मेहनत कर लाखों रुपये कमाने का मौका!



सरकार का मास्टर प्लान तैयार- ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए एक खास तरह का बैंक तैयार करने का प्लान कर रही है जिससे बिज़नेस करने के लिए जमीन मिल पाएगी.

>> अभी फैक्ट्री लगाने के लिए निवेशकों को सबसे ज्यादा जमीन अधिग्रहण करने में दिक्कतें आती हैं, क्योंकि जमीन की डील उन्हें खुद से करनी पड़ती है.

>> ऐसे में अगर इन निवेशकों के लिए स्पेशल लैंड बैंक तैयार हो जाता है तो वे आसानी से इसे सरकार से ले सकते हैं और समय की बर्बादी भी नहीं होगी.>> इसके अलावा सरकार निवेश करने वाली कंपनियों को तरह-तरह के इनसेंटिव देने के बारे में भी सोच रही है.

क्या होता है ट्रेड वॉर?
ट्रेड वॉर में अमेरिका और चीन दोनों देश एक दूसरे के सामानों पर टैरिफ बढ़ा रहे हैं, जिससे सामान महंगे हो रहे हैं. अमेरिका में चीन का सामान महंगा हो रहा है, जिससे चीन की कंपनियों का निर्यात घट रहा है

और इस परिस्थिति में वह चीन से बाहर निकल कर दूसरे देशों में फैक्ट्री और प्लांट लगाने के बारे में सोच रहे हैं.

मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर चीन के साथ समझौता नहीं होता है तो वह टैरिफ और बढ़ाएंगे. चीन हर साल लगभग 550 अरब डॉलर अमेरिका को निर्यात करता है.

ये भी पढ़ें: आम आदमी के पैसों को सेफ करने से जुड़ा बिल हुआ पास, जानिए इसके बारे में सब कुछ

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 21, 2019, 2:23 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर