स्टील इंडस्ट्री को बचाने के लिए मोदी सरकार ने कर ली ये तैयारी, चीन की बढ़ेगी परेशानी

घरेलू स्टील इंडस्ट्री को बचाने लिए सस्ते इंपोर्ट पर शिकंजा कसा जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 18, 2019, 3:39 PM IST
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घरेलू स्टील इंडस्ट्री को बचाने लिए सस्ते इंपोर्ट पर शिकंजा कसा जाएगा. सीएनबीसी-आवाज़ मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री कार्य़ालय में इस मुद्दे पर अहम बैठक हुई. जहां इस पर सहमति बनी कि सस्ते इंपोर्ट को रोकने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएं. (ये भी पढ़ें: 6 करोड़ मेंबर्स के लिए खुशखबरी! PF की ब्याज दरों पर हो सकता है ये फैसला)

सूत्रों के मुताबिक घरेलू स्टील इंडस्ट्री को तुरंत राहत पर सहमति बन चुकी है. 11 फरवरी को प्रधानमंत्री कार्यालय में बैठक हुई थी. जिसमें सेल के चेयरमैन की अगुवाई में कमिटी बनी है. सस्ता इंपोर्ट रोकने के लिए 3 विकल्पों पर विचार किया जायेगा, जिसमें एमआईपी एंटी डंपिंग ड्यूटी, सेफगार्ड ड्यूटी और मिनिमम इंपोर्ट प्राइस पर विचरा किया जायेगा.

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इसमें सभी तरह के स्टील प्रोडक्ट शामिल किए जाएंगे. एमआईपी नए फॉर्मूले से तय की जाएगी. इसके अलावा एंटी डंपिंग ड्यूटी का प्रस्ताव डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ ट्रेड रेमेडिज (डीजीटीआर) को भेजा गया. वहीं तत्काल राहत के लिए अंतरिम तौर पर एंटी डंपिंग ड्यूटी और सेफगार्ड ड्यूटी लगाने पर विचार किया जा सकता है. बता दें कि चीन, द. कोरिया, जापान से ज्यादा इंपोर्ट होने से परेशानी बढ़ी है.
कदम में सभी तरह के स्टील प्रोडक्ट शामिल किए जाएंगे, नए फॉर्मूले से तय की जाएगी MIP, सेल की सिफारिश, HR कॉयल पर MIP 615 डॉलर प्रति टन हो, दूसरे प्रोडक्ट पर पिछली MIP से 170 डॉलर प्रति टन से ज्यादा हो.

(लक्ष्मण रॉय, इकोनॉमिक-पॉलिटिकल एडिटर, CNCB आवाज़)

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