किसानों पर नजर, किराए पर ट्रैक्टर-थ्रेसर मुहैया कराएगी मोदी सरकार!

मोदी सरकार किसानों को ट्रैक्टर, थ्रेसर जैसे महंगे कृषि उपकरण किराए पर मुहैया करा सकती है. इसके लिए सरकार राज्यों में कस्टम हायरिंग सेंटर खोलेगी.

News18Hindi
Updated: January 15, 2019, 12:43 PM IST
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Updated: January 15, 2019, 12:43 PM IST
मोदी सरकार किसानों को लुभाने के लिए बड़ा कदम उठा सकती है. सीएनबीसी-आवाज़ के मुताबिक, सरकार किसानों को ट्रैक्टर, थ्रेसर जैसे महंगे कृषि उपकरण किराए पर मुहैया करा सकती है. इसके लिए सरकार राज्यों में कस्टम हायरिंग सेंटर खोलेगी. दरअसल, मध्य प्रदेश में इस प्रयोग के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं. (ये भी पढ़ें: 2.5 से 5 लाख रुपये हो सकती है इनकम टैक्स छूट की सीमा, अंतरिम बजट में ऐलान संभव!)

एमपी में 1200 कस्टम हायरिंग सेंटर
मध्य प्रदेश में करीब 1200 कस्टम हायरिंग सेंटर हैं जहां से किसान खेती के उपकरण किराए पर लेते हैं. सरकार ने इनका एक सर्वे किया था. सरकार ने पाया था कि इससे कृषि की लागत 33 फीसदी कम हुई है. साथ उनका प्रोडक्शन 26 फीसदी बढ़ा है. इसके अलावा कस्टम हायरिंग सेंटर चलाने वाले को रोजगार भी मिला है और वो सालाना 2.5 लाख रुपये कमा रहे हैं.

सरकार बना रही रणनीति

सरकार चाहती है कि इस मॉडल को रेप्लिकेट किया जाए. देश के बाकी राज्यों में भी कस्टम हायरिंग सेंटर खोले जाएं. नीति आयोग और कृषि मंत्रालय मिलकर इस पर रणनीति तैयारी कर रही है जिसमें ट्रैक्टर कंपनियों और दूसरे उपकरण बनाने वाली कंपनियों के साथ समझौता किया जाएगा. बैंकों से सस्ते लोन दिलवाए जाएंगे ताकि ये कस्टम हायरिंग सेंटर किसानों को अपने उपकरण आसानी से किराए पर उपलब्ध करा पाएं. सरकार को लगता है कि इससे ना सिर्फ किसानों की लागत घटेगी बल्कि उनकी आय भी बढ़ेगी. और जो कस्टम हायरिंग सेंटर चलाते हैं उनको रोजगार भी मिल सकेगा.

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