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मुनाफा बढ़ने से छोटे बैंक के शेयरों में लगा पैसा डबल, आगे भी अच्छे रिटर्न का मौका

News18Hindi
Updated: July 20, 2017, 7:26 AM IST
मुनाफा बढ़ने से छोटे बैंक के शेयरों में लगा पैसा डबल, आगे भी अच्छे रिटर्न का मौका
स्टेट बैंक ने सोमवार को बड़े शहरों के बचत खाते की मासिक औसत बैलेंस (एमएबी) की राशि की सीमा घटाकर 3000 रुपये कर दी.

छोटे बैंकिंग शेयर DCB बैंक, फेडरल बैंक, लक्ष्मी विलास बैंक, साउथ इंडियन बैंक और करुर वैश्य बैंक ने एक साल में 100 फीसदी तक रिटर्न देकर निवेशकों को मालामाल कर दिया है.

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DCB बैंक, फेडरल  बैंक, लक्ष्मी विलास बैंक, साउथ इंडियन बैंक और करुर वैश्य बैंक जैसे प्राइवेट सेक्टर के छोटे बैंकिंग शेयरों ने एक साल में 100 फीसदी तक रिटर्न देकर निवेशकों को मालामाल कर दिया है. जबकि, बीएसई के बैंकिंग इंडेक्स में इस दौरान 25 फीसदी की तेजी दर्ज हुई है.

अब सवाल उठता है कि ऐसे में छोटे निवेशकों को क्या करना चाहिए, इस पर एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये सभी बैंक टैलेंटेड प्रोफेशनल्स को तेजी से टीम में शामिल कर रहे हैं. इसी का असर बैंकों की आय और मुनाफे पर दिख रहा है. उम्मीद करते हैं कि आगे चलकर इन बैंकों में बड़ी ग्रोथ देखने को मिलेगी, जिसका असर शेयरों के भाव पर दिखेगा.

सालभर में 100 फीसदी तक बढ़ा शेयरों के भाव
पिछले एक साल में DCB बैंक का शेयर 100 फीसदी, फेडरल बैंक का शेयर 91 फीसदी, लक्ष्मी विलास बैंक 73 फीसदी, साउथ इंडियन बैंक 48 फीसदी तक उछले हैं.



क्यों आई इन शेयरों में तेजी


वीएम पोर्टफोलियो के विवेक मित्तल कहते हैं कि प्राइवेट सेक्टर के छोटे बैंकों के अच्छा प्रदर्शन करने का सबसे बड़ा कारण इनका अग्रेसिव होना है. ये बैंक तेजी से अपने साथ टैलेंटेड प्रोफेशनल्स को जोड़ रहे हैं. इसीलिए ये बैंक स्मॉलकैप से निकलकर मिडकैप बनने की तैयारी में हैं.

उदाहरण देते हुए विवेक बताते हैं कि हाल में लक्ष्मी विलास बैंक ने एक्सिस  बैंक के पार्थसारथी मुखर्जी को सीईओ नियुक्त किया. इन्होंने लंबे समय तक एक्सिस बैंक में कॉर्पोरेट रिलेशनशिप पॉजिशन पर काम किया है. वहीं, फेडरल बैंक ने भी स्टैंडर्ड चार्टेड के श्याम श्रीनिवासन को नियुक्त किया.

तेजी से ग्रोथ की एक वजह ये भी
एंटिक स्टॉक ब्रोकिंग ने तमिलनाडु व केरल में एसएमई से विस्तृत बातचीत के बाद कहा है कि ये एनबीएफसी व माइक्रो फाइनेंस संस्थानों समेत दूसरे फाइनेंशियल इंस्‍टीट्यूशंस के मुकाबले रिजनल बैंकों को प्राथमिकता देते हैं. क्षेत्रीय बैंक व्यक्तिगत तौर पर सेवाएं देता है और वे बैंक के मैनेजमेंट तक पहुंच सकते हैं. दिलचस्प रूप से इसने यह भी कहा है कि रिजनल बैंकों के साथ कायापलट की अवधि बड़े बैंकों के मुकाबले काफी कम रही है.

फाइनेंशियल पर एक नजर
लक्ष्मी विलास बैंक का मुनाफा एक साल में 180 करोड़ रुपए से बढ़कर 256 करोड़ रुपए हो गया है. वहीं, फेडरल बैंक का मुनाफा 75 फीसदी बढ़कर 853 करोड़ रुपए हो गया है. इसके अलावा साउथ इंडियन बैंक का मुनाफा 333 करोड़ रुपए से बढ़कर 392.5 करोड़ रुपए है.

अब क्या करें निवेशक
ट्रेड स्विफ्ट ब्रोकिंग के डायरेक्टर संदीप जैन का कहना है प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर के छोटे बैंकों ने डीसीबी, लक्ष्मी बैंक में वैल्यूएशन के लिहाज से काफी अच्छा हैं. लिहाजा इसमें निवेश किया जा सकता हैं.

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First published: July 19, 2017, 4:44 PM IST
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