दुनिया में चीन के शेयर बाजारों का प्रदर्शन सबसे खराब, बेस्ट रिटर्न के मामले में भारत नंबर-2

भारत हर साल 3.68 अरब डॉलर यानी करीब 23 हजार करोड़ रुपये कीमत के भैसों का मांस निर्यात करता है, लेकिन चीन भारत से इसका आयात नहीं करता है. जबकि दूसरे देशों से वह 2.45 अरब डॉलर यानी करीब 16.3 अरब रुपये कीमत का भैंसे का मांस आयात करता है.

दुनिया में चीन के बाजारों का प्रदर्शन सबसे खराब, रिटर्न के मामले में भारत नंबर-2

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    दुनियाभर के शेयर बाजारों में तेजी का सिलसिला जारी है. इस तेजी में अमेरिका, भारत समेत कई देशों के शेयर बाजार नई ऊंचाइयां  छू रहे है. पिछले तीन महीने में सबसे ज्यादा रिटर्न देने के मामले में जापान का बेंचमार्क इंडेक्स निक्केई टॉप पर है. वहीं, भारत के NSE का बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी  7.4 फीसदी रिटर्न के साथ नंबर-2 की पोजिशन पर है. हालांकि, इस दौरान चीन के शेयर बाजार ने 3 फीसदी का निगेटिव रिटर्न दिया है. मतलब साफ है कि इस अवधि में अगर किसी निवेशक ने चीन के शंघाई कंपोजिट में पैसा लगाया होता तो उसकी कुल पूंजी 3 फीसदी कम हो जाती.

    रिटर्न पर एक नजर
    ब्रोकरेज हाउस एंजेल ब्रोकिंग की 17 जुलाई को जारी रिपोर्ट के मुताबिक पिछले तीन महीने में जापान के बेंचमार्क इंडेक्स निक्केई ने 8.4 फीसदी, भारत के निफ्टी ने 7.4 फीसदी, अमेरिका के बेंचमार्क इंडेक्स डाउ जोंस ने 5.1 फीसदी, मेक्सिको के मेक्सबोल ने 4.5 फीसदी और जर्मनी के डीएएक्स ने 4 फीसदी का रिटर्न दिया है. वहीं, इस दौरान चीन के शंघाई कंपोजिट में 3 फीसदी की गिरावट आई है. वहीं, रूस और थाईलैंड के बाजार भी एक फीसदी तक लुढ़क गए हैं.

    एक साल के रिटर्न पर नजर डालें तो जापान के बाजार ने 32 फीसदी का रिटर्न दिया है. वहीं, भारत के स्टॉक मार्केट ने 17 फीसदी का रिटर्न दिया है. इसके अलावा, जर्मनी 24 फीसदी, फ्रांस 20 फीसदी और इंडोनेशिया के बाजार 19 फीसदी बढ़े है. हालांकि, इस दौरान सबसे कम रुस के बाजार महज 1.3 फीसदी बढ़े है. चीन 6 फीसदी बढ़ा है.

    क्यों गिर रहे हैं चीन के शेयर बाजार  
    एक्सपर्ट्स के मुताबिक, चीन के बाजारों में गिरावट का मुख्य कारण इकनॉमी के लागातर कमजोर होने और शेयर बाजार रेगुलेटर की बार-बार दखल से विदेशी निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे है.

    लॉन्ग टर्म में भारतीय बाजार निवेश के लिए बेहतर
    सेंट्रम वेल्थ मैनेजमेंट के ईडी और सीआईओ कुंज बंसल का कहना है कि कि बाजार में अच्छा मोमेंटम देखने को मिल रहा है, बाजार को लिक्विडिटी से भी अच्छा सपोर्ट मिल रहा है. इसके अलावा, आगे आने वाले 2-3 साल के लिए बाजार में व्यापक संभावनाएं दिख रही हैं जिसको देखते हुए बाजार से दूर रहना सही निर्णय नहीं होगा. कुंज बंसल की राय है कि बाजार में अभी मोमेंटम है, पैसा भी आ रहा है और आगे भी तेजी जारी रहेगी.

     

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