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अगले 48 घंटे में देश के इन हिस्सों में शुरू हो सकती है मानसून की पहली बारिश!

अगले 48 घंटे में देश के इन हिस्सों में शुरू हो सकती है मानसून की पहली बारिश!

अगले 48 घंटे में देश के इन हिस्सों में शुरू हो सकती है मानसून की पहली बारिश!

अगले 48 घंटे में देश के इन हिस्सों में शुरू हो सकती है मानसून की पहली बारिश!

भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी हिस्से से आने वाली हवाओं से मानसून के आगे बढ़ने और इसे मज़बूत होने में मदद मिल रही है. अगर यहीं स्थिति बन रही तो अगले 48 घंटे में अंडमान निकोबार द्वीप समूह में तेज बारिश होने की उम्मीद है.

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    देश में मानसून की पहली बारिश अगले 48 घंटे में शुरू हो सकती है. भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी हिस्से से आने वाली हवाओं से मानसून के आगे बढ़ने और इसे मज़बूत होने में मदद मिल रही है. अगर यहीं स्थिति बन रही तो अगले 48 घंटे में अंडमान निकोबार द्वीप समूह में तेज बारिश होने की उम्मीद है. साथ ही 29-30 मई तक मानसून रफ्तार पकड़ सकता है. आपको बता दें कि  इससे पहले मौसम विभाग ने अपने अनुमान में कहा था कि दक्षिण-पश्चिम मानसून पांच दिन की देरी से 6 जून को केरल तट पर पहुंचेगा.

    इस साल सामान्य हाेगी बारिश-माैसम विभाग के अनुसार इस साल सामान्य 96 फीसदी बारिश हाेगी. वहीं, स्काईमेट नेजून से सितंबर के दौरान सामान्य से कम 93 फीसदी बारिश का अनुमान लगाया है. मानसून का एक और पूर्वानुमान मई के अंत या जून के पहले सप्ताह में जारी किया जाएगा. (ये भी पढ़ें-मोदी सरकार का नया प्लान, GST रिफंड मिलेगा फटाफट)



    भारतीय मौसम विभाग ने उम्मीद जताई कि दक्षिण पश्चिम मानसून के बंगाल की खाड़ी, अंडमान द्वीपसमूह और उत्तरी अंडमान सागर के कुछ अन्य इलाकों तक पहुंचने के लिहाज से परिस्थितियां 29-30 मई तक अनुकूल हो जाएंगी.

    मौसम विभाग ने अपने बुलेटिन में कहा कि अगले 24 घंटे के दौरान जम्मू कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश के कई इलाकों में बारिश होने का अनुमान है.

    वहीं, महाराष्ट्र के विदर्भ, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में तेज गर्म हवाएं (लू) चलने का अनुमान है. (ये भी पढ़ें-अब विदेशी कमाई छुपाना मुश्किल, इस नियम में हुआ बदलाव)



    अर्थव्यवस्था पर मानसून का असर- मानसून का सीधा असर ग्रामीण आबादी पर पड़ता है. मानसून सामान्य और अच्छा रहने से ग्रामीण इलाकों में लोगों की आय बढ़ती है, जिससे मांग में भी तेजी आती है. ग्रामीण इलाकों में आय बढ़ने से इंडस्ट्री को भी फायदा मिलता है. वहीं, कमजोर रहने पर इसका उलटा असर होता है.

    1951-2000 की बात करें तो देश में बारिश का लॉन्ग पीरियड एवरेज 89cm रहा है. इससे पहले मौसम के बारे में जानकारी देने वाली निजी एजेंसी स्काईमेट का अनुमान दिया है कि जून से सितंबर के दौरान सीजन में सामान्य की 93 फीसदी बारिश होगी. हालांकि एजेंसियां यह मानकर चलती हैं कि इसमें थोड़ा बहुत बदलाव आ सकता है. 5 फीसदी ज्यादा या कम हो सकता है.

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    Tags: Business news in hindi, IMD forecasts normal Monsoon for India in 2018, Monsoon in india

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