आपके पैसों की सुरक्षा की गारंटी देगा बैंकिंग संशोधन बिल! RBI रखेगा सभी बैंकों पर नजर

आपके पैसों की सुरक्षा की गारंटी देगा बैंकिंग संशोधन बिल! RBI रखेगा सभी बैंकों पर नजर
वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकिंग संशोधन बिल पर संसद में चर्चा करते हुए कहा, नए कानून से बैंक ग्राहकों के खाते में जमा राशि की सुरक्षा होगी.

वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने बैंकिंग रेग्‍युलेशन एक्‍ट, 1949 में बदलाव के लिए संशोधन विधेयक लोकसभा (Lok Sabha) में चर्चा के लिए पेश कर दिया है. केंद्र सरकार का कहना है कि नए कानून से सहकारी बैंकों (Cooperative Banks) को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के दायरे में लाया जाएगा. इससे बैंक में जमा लोगों के पैसों की सुरक्षा की जा सकेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 16, 2020, 6:52 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने बैंक ग्राहकों (Bank Customers) के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए बैंकिंग संशोधन विधेयक लोकसभा (Lok Sabha) में पेश कर दिया है. वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने संशोधन विधेयक पर चर्चा करते हुए संसद के निचले सदन में कहा कि बैंकिंग रेग्‍युलेशन एक्‍ट, 1949 में बदलाव से सरकारी और प्राइवेट बैंक की ही तरह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) सहकारी बैंकों पर भी नजर रखेगा. देश में 1,482 शहरी सहकारी बैंक (Urban Cooperative bank) और 58 मल्टी-स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक हैं. ये सभी आरबीआई के दायरे में आ जाएंगे. बता दें कि इससे संबंधित अध्‍यादेश जून 2020 में लागू कर दिया गया था.

डिपॉजिटर्स की 5 लाख रुपये तक की रकम रहेगी सुरक्षित
बैंकिंग रेग्‍युलेशन एक्‍ट, 1949 में संशोधन का फैसला ग्राहकों के हित में है. अगर अब कोई बैंक डिफॉल्ट करता है तो बैंक में जमा 5 लाख रुपये तक की राशि पूरी तरह से सुरक्षित है. वित्त मंत्री ने एक फरवरी 2020 को पेश बजट में ही इसे 1 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया था. एसे अगर कोई बैंक डूब जाता है या दिवालिया हो जाता है तो उसके डिपॉजिटर्स को अधिकतम 5 लाख रुपये मिलेंगे, चाहे उनके खाते में कितनी भी रकम हो. आरबीआई की सब्सिडियरी डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के मुताबिक, बीमा का मतलब है कि जमा राशि कितनी भी हो ग्राहकों को 5 लाख रुपये ही मिलेंगे.

ये भी पढ़ें- वित्त मंत्री ने संसद में बताया कौन से बैंकों की हालत है सबसे ज्यादा खराब, आ रहा है नया कानून
बैंक डूबने पर डीआईसीजीसी करेगा डिपॉजिटर्स को भुगतान


डीआईसीजीसी एक्ट, 1961 की धारा 16 (1) के प्रावधानों के तहत, अगर कोई बैंक डूब जाता है या दिवालिया हो जाता है, तो कॉरपोरेशन हर जमाकर्ता को भुगतान करने के लिए जिम्‍मेदार होता है. उसकी जमा राशि पर 5 लाख रुपये तक का बीमा होता है. आपका एक ही बैंक की कई ब्रांच में खाता है तो सभी खातों में जमा पैसे और ब्‍याज को जोड़ा जाएगा. इसके बाद केवल 5 लाख तक जमा को ही सुरक्षित माना जाएगा. अगर आपके किसी बैंक में एक से अधिक अकाउंट और FD हैं तो भी बैंक के डिफॉल्ट होने या डूबने के बाद 5 लाख रुपये ही मिलने की गारंटी है.

ये भी पढ़ें- बड़ा झटका! आम आदमी के बाद अब कोरोना ने घटाई सरकार की आमदनी, इस शहरों से घटी टैक्स वसूली

को-ऑपरेटिव बैंक के लिए प्रायॉरिटी सेक्‍टर लेंडिंग तय करेगा RBI
केंद्र के इस फैसले से लोगों को बैंक में जमा अपने पैसे की सुरक्षा की गारंटी मिलेगी. रिजर्व बैंक सुनिश्चित करेगा कि को-ऑपरेटिव बैंकों का पैसा किस क्षेत्र के लिए आवंटित किया जाना चाहिए. इसे प्रायॉरिटी सेक्टर लेंडिंग भी कहा जाता है. इन बैंकों के आरबीआई के अधीन आने पर इन्हें भी अब केंद्रीय बैंक के नियम मानने होंगे. इससे देश की मौद्रिक नीति को सफल बनाने में आसानी होगी. साथ ही इन बैंकों को भी अपनी कुछ पूंजी आरबीआई के पास रखनी होगी. ऐसे में इनके डूबने की आशंका कम हो जाएगी. सरकार के इस फैसले से जनता का भरोसा को-ऑपरेटिव बैंकों पर बढ़ेगा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading