केरल के बाद अब इन जगहों पर पहुंचा मानसून, मौसम विभाग ने दी भारी बारिश की चेतावनी

दक्षिण पश्चिम मानसून अब तेजी से देश में सक्रिय हो रहा है. केरल के बाद अब मानसून की बारिश उत्तर पूर्व भारत के राज्य मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड में शुरू हो गई है.

News18Hindi
Updated: June 12, 2019, 1:10 PM IST
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Updated: June 12, 2019, 1:10 PM IST
दक्षिण पश्चिम मानसून अब तेजी से देश में सक्रिय हो रहा है. केरल के बाद अब मानसून की बारिश उत्तर पूर्व भारत के राज्य मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड में शुरू हो गई है. भारतीय मौसम विभाग की ओर से जारी नए बुलेटिन में बताया गया है कि नॉर्थ ईस्ट के अलावा गोवा, कोंकण, तमिलनाडु, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में 'ज्यादा से बहुत ज्यादा' (हैवी टू वैरी हैवी रेनफॉल) बारिश का अनुमान है.

आपको बता दें कि अरब सागर में हवा के कम दबाव की स्थिति गहराने के कारण उत्पन्न चक्रवाती तूफान 'वायु' महाराष्ट्र से उत्तर में गुजरात की ओर बढ़ रहा है. मौसम विभाग के जारी बुलेटिन के अनुसार, सुदूर समुद्र में हवा के कम दबाव का क्षेत्र तेजी से बनने के कारण 'वायु' के 13 जून को गुजरात के तटीय इलाकों पोरबंदर और कच्छ क्षेत्र में पहुंचने की संभावना है.



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उत्तर भारत में मानसून को लेकर सता रही हैं ये चिंता- भीषण गर्मी की मार झेल रहे उत्तर भारत के लोगों को मानसून की बारिश के लिए थोड़ा ज्यादा इंतजार करना पड़ सकता है.

भारतीय मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनी


>> मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चक्रवाती तूफान 'वायु' ने मानसूनी हवाओं को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं. दरअसल कई मौसम वैज्ञानिकों को कहना है कि 'वायु' तूफान मानसूनी बादलों को उड़ा सकता है.

>> मतलब साफ है कि अगर मानसूनी बादल नहीं ठहरे तो बादल भी नहीं बरसेंगे. बादल नहीं बरसे तो उत्तर भारत में सूखे की स्थिति पैदा हो जाएगी. अगर ऐसा होता हैं तो पूरे मैदानी इलाकों में किसानों की टेंशन और बढ़ जाएगी, क्योंकि खेती-बाड़ी के लिए मानसून की बारिश पर काफी कुछ निर्भर करता है.
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वैसे तो मानसून पहले से ही देरी से चल रहा है, लेकिन अगर वो 80 से 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले वायु चक्रवात की चपेट में आ गया तो किसानों को बहुत नुकसान उठाना पड़ेगा.

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