मानसून अपडेट: अगले 48 घंटे में 65 फीसदी भारत में होगी बारिश

मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, विदर्भ और कर्नाटक के बाकी हिस्सों में मॉनसून ने दस्तक दे दी है. साथ ही तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार में भी मॉनसून का आगाज हो गया है.

News18Hindi
Updated: June 24, 2019, 12:09 PM IST
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Updated: June 24, 2019, 12:09 PM IST
धीमे पड़े मानसून ने अब फिर से रफ्तार पकड़ी है. मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, विदर्भ और कर्नाटक के बाकी हिस्सों में मानसून ने दस्तक दे दी है. साथ ही तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार में भी मॉनसून का आगाज हो गया है. मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटे में मानसून दक्षिण गुजरात और पूर्वी उत्तर प्रदेश में पहुंचने की संभावना है. मानसून के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं.

इस साल मानसून में फिलहाल 43 फीसदी की कमी रही है. मध्य भारत पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा है जहां बारिश औसत से 54 फीसदी कम रही है. लेकिन अब मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में राज्यों में मानसून को लेकर उम्मीद जताई है.

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भारतीय मौसम विभाग के वैज्ञानिकों अनुसार,  दिल्लीवालों को मानसून के लिए अब जुलाई के दूसरे सप्ताह तक इंतजार करना पड़ेगा. पहले उम्मीद की जा रही थी कि मानसून दिल्ली तक जुलाई के पहले सप्ताह तक पहुंच जाएगा. दिल्ली में मानसून से पहले होने वाली बारिश भी इस साल पिछले नौ सालों के दौरान सबसे कम दर्ज की गई है. पहले से ही पानी की कमी से जूझ रही दिल्ली के लिए मानसून में कमी से जल संकट पैदा हो सकता है.




इन इलाकों के लिए अच्छी खबर
मानसून के देरी से पहुंचने के बावजूद यह सप्ताह सूखे से जूझ रहे इलाकों के लिए अच्छी खबर लेकर आ सकता है. मध्य भारत और दक्षिण भारत के जिन हिस्सों में सूखे का संकट है, उनके लिए इस सप्ताह बारिश अच्छी खबर लेकर आ रही है. बिहार में भी बारिश के कारण गर्मी से कुछ राहत मिली है. इसके अलावा बारिश के कारण राज्य में चमकी बुखार पर भी नियंत्रण में कुछ राहत मिलेगी.

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इस वजह से मानसून की गति धीमे 
स्काइमेट के एक्सपर्ट्स के अनुसार चक्रवाती वायु तूफान (Cyclone Vayu) की वजह से मानसून की रफ्तार धीमी को गई है. साथ ही एक्सपर्ट्स का मानना है कि मानसून पर अल नीनो (El Nino) का असर भी हो सकता है. अल नीनो के असर की वजह से ही मानसून से पहले होने वाली बारिश में कमी आई है और जुलाई, अगस्त और सितंबर में भी इससे मानसून प्रभावित हो सकता है. दिल्ली के साथ ही हरियाणा, पंजाब उत्तराखंड, हिमाचल और कश्मीर में भी मानसून देर से पहुंचेगा. हालांकि अभी तक मौसम विभाग दावा कर रहा था कि मानसून दो-तीन दिन ही देर से चल रहा है. भारत में दक्षिण पश्चिमी मानसून को ही मानसून सीजन कहा जाता है. आपको बता दें कि देश में अल नीनो की वजह से सूखे का खतरा सबसे ज्यादा रहता है और इस बार भी इसकी आशंका प्रबल होती जा रहा है.

(CNBC आवाज के इनपुट के साथ)

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