लाइव टीवी

मूडीज ने भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटाकर 4.9 फीसदी किया

News18Hindi
Updated: February 4, 2020, 6:54 PM IST
मूडीज ने भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटाकर 4.9 फीसदी किया
मूडीज इन्वेस्टर सर्विस

बजट के बाद मूडीज इन्वेस्टर सर्विस ने मंगलवावर को कहा कि वर्तमान में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए दो तरह की चुनौतियां हैं. ऐसे में बजट में आर्थिक तेजी का अनुमान महत्वकांक्षी लगता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 4, 2020, 6:54 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. मूडीज इनवेस्टर सर्विस ने मंगलवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने स्ट्रक्चरल और ​साइक्लिकल चुनौतियों को देखते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) का 2020-21 के बजट में आर्थिक वृद्धि का अनुमान महत्वकांक्षी लगता है. बजट में वर्तमान बाजार मूल्य पर जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर अगले वित्त वर्ष में 10 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2021-22 और 2022-23 में क्रमश: 12.6 प्रतिशत और 12.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है.

इसमें कहा गया है, "भारतीय अर्थव्यवस्था के समक्ष स्ट्रक्चरल और ​साइक्लिकल चुनौतियों को देखते हुए ये अनुमान महत्वकांक्षी लगता है." वर्ष 2019 में आर्थिक वृद्धि में उल्लेखनीय नरमी रही. इससे पहले, बाजार आधारित वृद्धि दर 2014 से 2018 के दौरान करीब 11 प्रतिशत रही. इसमें कहा गया है, हम उम्मीद करते हैं कि अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी और वर्तमान मूल्य पर आधारित जीडीपी वृद्धि 2020 में करीब 8.7 प्रतिशत और 2021 में 10.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है. 2019 में यह 7.5 प्रतिशत थी.

यह भी पढ़ें: मोदी सरकार ने 3 साल में किसानों को दिए 34.85 लाख करोड़ रुपए!

इसके पहले रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स (Fitch Ratings) ने अगले वित्त वर्ष के लिए भारतीय जीडीपी ग्रोथ (India's GDP Growth) का अनुमान 5.6 प्रतिशत किया था. हाल ही में बजट से ठीक एक दिन पहले पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey 2020) में केंद्र सरकार ने जो अनुमान लगाया था, उसके मुकाबले यह कम है. फिच का मानना है कि केंद्र सरकार ने बजट में कुछ ऐसान ऐलान नहीं किया है, जिससे भारतीय अ​र्थव्यवस्था (Indian Economy) में बड़ी तेजी देखने को मिले. आर्थिक सर्वेक्षण में सरकार ने अगले वित्त वर्ष में जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6-6.5 प्रतिशत लगाया है, जो कि चालू वित्त वर्ष में 5 प्रतिशत के अनुमान से अधिक है.



 

सरकार पर कुल GDP का 70 प्रतिशत कर्जफिच रेटिंग्स के थॉमस रूकमाकर ने कहा था, 'बजट में वित्त वर्ष 2021 के लिए ऐलान के मुताबिक फिस्कल स्लिपेज पहले के लक्ष्य के मुकाबले बहुत मामूली है. पिछले साल दिसंबर में जो हमने BBB- की रेटिंग दी थी, ये उसी को सही ठहराता है.' वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार तीसरे साल भी वित्तीय घाटे (Fiscal Deficit) के लक्ष्य को पूरा करने में असफल रही हैं. पहले तय किए गए 3.3 प्रतिशत की तुलना में इसे बढ़ाकर 3.8 प्रतिशत कर दिया गया है. 1 अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्त वर्ष के लिए यह 3.5 प्रतिशत तक किया गया है. फिच ने अनुमान लगाया है कि वित्त वर्ष 2022 में भी सरकारी कर्ज कुल जीडीपी का 70 प्रतिशत ही रहेगा.

यह भी पढ़ें:  PM Kisan: 6.12 करोड़ किसानों को मिलेंगे ₹37 हजार करोड़, अप्रैल में बड़ा बदलाव!

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 4, 2020, 6:51 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर