कंगाल पाकिस्तान के और बुरे हो सकते हैं हालात, ज्यादा खस्ताहाल हो सकती है इकोनॉमी

मूडीज (Moodys) ने कहा है कि अमेरिका (America) और चीन (China) में ट्रेड वार (Trade War) अगर ज्यादा लंबा चलता तो पाकिस्तान (Pakistan) की इकोनॉमी (Economy) और खस्ताहाल हो सकती है.

News18Hindi
Updated: September 13, 2019, 5:29 PM IST
कंगाल पाकिस्तान के और बुरे हो सकते हैं हालात, ज्यादा खस्ताहाल हो सकती है इकोनॉमी
मूडीज की रिपोर्ट ने पाकिस्तान को दिया झटका
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Updated: September 13, 2019, 5:29 PM IST
कराची. पहले से कंगाल पाकिस्तान (Pakistan) के आने वाले दिनों में और बुरे हालात हो सकते हैं. क्रेडिट रेटिंग एजेंसी (Credit Rating Agency) मूडीज (Moodys) ने कहा है कि अमेरिका (America) और चीन (China) में ट्रेड वार (Trade War) अगर ज्यादा लंबा चलता तो पाकिस्तान (Pakistan) की इकोनॉमी (Economy) और खस्ताहाल हो सकती है. मूडीज ने ऐसे देशों की एक लिस्ट बनाई है, जिन्हें ट्रेड वार के चलते आर्थिक मोर्चे पर गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है.

लोन नहीं चुका पाएगा पाकिस्तान
रेटिंग एजेंसी ने पाकिस्तान को भी इस सूची में शामिल किया है. विदेशी कर्ज पर बहुत अधिक निर्भरता और बाहरी कर्ज के भुगतान के लिए बहुत कम पैमाने पर रिजर्व कवरेज होने के कारण पाकिस्तान की स्थिति बदतर हो सकती है.

'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की खबर के मुताबिक मूडीज ने वैश्विक स्तर पर ग्रोथ में स्लोडाउन के साथ सामान्य तौर पर स्थिर वित्तीय स्थिति की बात कही है. हालांकि, रेटिंग एजेंसी के मुताबिक अमेरिका-चीन के बीच का मौजूदा तनाव और राजनीतिक टकराव से जुड़े वैश्विक मुद्दे और इमर्जिंग मार्केंट एवं फ्रंटियर मार्केट में सोवरेन का कुछ देशों पर गंभीर प्रभाव देखने को मिल सकता है.

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इन देशों को हो सकता है नुकसान
मूडीज की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि इन घटनाक्रमों के कारण पाकिस्तान सहित कुछ देशों को वित्तीय घाटा हो सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान, श्रीलंका, मिस्र, अंगोला और घाना जैसे देशों के कर्ज भुगतान क्षमता पर सबसे अधिक असर पड़ सकता है.
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कितना पहुंचा पाकिस्तान का कर्ज
पाकिस्तान का कर्ज 6 अरब डॉलर तक पहुंच गया है. मूडीज के 39 महीने के करार के अलावा दूसरे देशों से लिए कर्ज और उसके ब्याज के भुगतान की वजह से फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व और चालू खाता घाटे में भी गिरावट आई है. बढ़ते कर्ज के कारण देश की वित्तीय स्थिति और कमजोर होगी. कर्ज वहन करने की उसकी क्षमता पर भी असर पड़ेगा.

पाक झेल रहा भारी राजकोषीय घाटा
पाकिस्तान का मौजूदा वित्तीय संकट भारी राजकोषीय घाटे एवं फॉरेन एक्सचेंज इनफ्लो में कमी के कारण और गंभीर हो जाता है. बाहरी असंतुलन को लेकर पिछले दो साल में पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में 7.50 प्रतिशत की वृद्धि की है. इससे पाकिस्तान की राजकोषीय स्थिति और कमजोर हो गयी है.

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First published: September 13, 2019, 4:51 PM IST
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