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वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 3.7 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल, बढ़ी हुई अंतिम तिथि 31 दिसंबर तक

वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 3.7 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल, बढ़ी हुई अंतिम तिथि 31 दिसंबर तक

 आईटीआर (ITR) फाइल करेते समय इन बातों का रखें ख्याल

आईटीआर (ITR) फाइल करेते समय इन बातों का रखें ख्याल

वित्त मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा, 'आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल को आकलन वर्ष 2021-22 के लिए 17 दिसंबर 2021 तक 3,71,74,810 करोड़ से अधिक आईटीआर प्राप्त हुए हैं.'मंत्रालय के अनुसार इसमें आईटीआर1 (2.12 करोड़), आईटीआर2 (31.04 लाख), आईटीआर3 (35.45 लाख), आईटीएआर4 (87.66 लाख), आईटीआर5 (3.38 लाख), आईटीआर6 (1.45) लाख और आईटीआर7 (0.25 लाख) है.

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    नई दिल्ली . वित्त वर्ष 2020-21 के लिए अब तक 3.7 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल किए जा चुके हैं. वित्त मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी. मंत्रालय ने कहा कि करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की बढ़ी हुई अंतिम तिथि 31 दिसंबर है.

    वित्त मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा, ‘आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल को आकलन वर्ष 2021-22 के लिए 17 दिसंबर 2021 तक 3,71,74,810 करोड़ से अधिक आईटीआर प्राप्त हुए हैं.’ मंत्रालय के अनुसार इसमें आईटीआर1 (2.12 करोड़), आईटीआर2 (31.04 लाख), आईटीआर3 (35.45 लाख), आईटीएआर4 (87.66 लाख), आईटीआर5 (3.38 लाख), आईटीआर6 (1.45) लाख और आईटीआर7 (0.25 लाख) है.

    देर से ITR फाइल करने के हैं कई नुकसान 
    अगर किसी कारण से आप 31 दिसंबर, 2021 की समय सीमा से पहले अपना आईटीआर दाखिल नहीं कर पाते हैं तो आपको जुर्माना भरना पड़ सकता है. नए लॉन्च किए गए आयकर पोर्टल पर कोरोनावायरस महामारी और गड़बड़ियों के कारण, सरकार ने Belated ITR दाखिल करने की नियत तारीख को भी 31 मार्च, 2022 तक बढ़ा दिया है.

    यह भी पढ़ें- छोटे निवेशकों को नितिन गडकरी देने वाले हैं निवेश का विकल्प, बैंकों के मुकाबले मिलेगा 2-3 % ज्यादा रिटर्न

    आपको पता होना चाहिए कि सरकार ने देर से आईटीआर दाखिल करने पर लेट फीस वसूलने की व्यवस्था की है. आयकर कानून की धारा-234A के अंतर्गत करदाता को टैक्स की राशि पर एक फीसदी की साधारण दर से हर महीने ब्याज चुकाना होगा. अगर आप सरकार द्वारा तय अंतिम तिथि के बाद आईटीआर फाइल करते हैं तो आपसे 5,000 रुपये लेट फाइलिंग फीस वसूली जाएगी.

    लेट पर इनकम टैक्‍स छूट भी नहीं मिलती
    आईटीआर दाखिल करने में देरी होने पर करदाता को जुर्माना तो भरना ही होता है साथ ही कई तरह की इनकम टैक्‍स छूट भी ऐसे लोगों को नहीं मिलती. जुर्माने के साथ ही साथ आयकर कानून की धारा-10A और धारा-10B के तहत मिलने वाली छूट भी नहीं मिल पाती है. वहीं, धारा-80IA, 80IAB, 80IC, 80ID और 80IE के अंतर्गत मिलने वाली छूट भी ऐसे लोगों को नहीं मिलती.

    साथ ही साथ देर से इनकम टैक्‍स रिटर्न दाखिल करने की वजह से करदाता को आईटी एक्ट की धारा-80IAC, 80IBA, 80JJA, 80JJAA, 80LA, 80P, 80PA, 80QQB और 80RRB के तहत मिलने वाले डिडक्शन का लाभ भी नहीं मिलता है.

    Tags: Income tax, Income tax latest news, Income tax return, ITR, ITR filing, New ITR form

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