ट्रैफिक पुलिस ने काट दिया चालान और आप हैं नाखुश तो ये कानून करेंगे आपकी मदद

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Updated: September 4, 2019, 8:50 PM IST
ट्रैफिक पुलिस ने काट दिया चालान और आप हैं नाखुश तो ये कानून करेंगे आपकी मदद
अगर लगता है गलत कटा है चालान तो ये हैं आपके अधिकार, करना होगा ये काम

Moter Vehicle Act 2019: अगर आपका चालान कट गया है तो पुलिस आपको ऑनस्पॉट चालान भरने के लिए मजबूर नहीं कर सकती. मौजूदा समय में आपके पास दो अधिकार होते हैं. पहला तो आप संबंधित इलाके की कोर्ट में जाकर चालान का भुगतान करें. आइए जानें इससे ट्रैफिक नियमों से जुड़े अधिकारों के बारे में...

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  • Last Updated: September 4, 2019, 8:50 PM IST
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नई दिल्ली. देश में 1 सितंबर से नया मोटर व्हीकल एक्ट (Moter Vehicle Act 2019) लागू हो गया है. पिछले दो दिन में दो बड़े मामलों को लेकर चर्चा तेज हो रही है. पहला मामला स्कूटी को लेकर है जिसमें 23,000 रुपये का चालान (Traffic Police Challan) कटा गया है. इसके अलावा एक ऑटो वाले पर 32,000 रुपये और ट्रैक्टर ट्रॉली पर 59 हजार रुपये के जुर्माना का मामला सामने आया है. इन बड़ी रकम को लेकर सभी की टेंशन बढ़ गयी है. इसीलिए इससे जुड़े मामलों पर हमने दिल्ली हाईकोर्ट के वकील से इस पूरे मामले को लेकर पूरा मामला समझा है.

अगर चालान कट गया तो क्या करें- नील प्रताप सिंह बताते हैं कि अगर आपका चालान कट गया है तो पुलिस आपको ऑनस्पॉट चालान भरने के लिए मजबूर नहीं कर सकती. मौजूदा समय में आपके पास दो अधिकार होते हैं. पहला तो आप संबंधित इलाके की कोर्ट में जाकर चालान का भुगतान करें.दूसरा  https://echallan.parivahan.gov.in/index/accused-challan के जरिए ऑनलाइन इसका पेमेंट कर दें. इसके अलावा  संबंधित कोर्ट में जाकर आप इसका विरोध भी कर सकते हैं.



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अगर आप आप पॉल्युएशन चेक, इंश्योरेंस और आरसी जैसा कोई भी दस्तावेज पुलिस को नहीं दिखा पाए हैं तो पुलिस वाले को आपकी गाड़ी जब्त करने का पूरा अधिकार है.

इसके बाद आपको अदालत से ही गाड़ी छुड़वानी होगी. इसके लिए भी गाड़ी के ओरिजनल दस्तावेज जरूरी हैं. गाड़ी तभी छूटेगी जब उसका रजिस्टर्ड मालिक इसके लिए दावा पेश करेगा.


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(1) दिल्ली हाईकोर्ट के वकील नील प्रताप सिंह ने न्यूज18हिंदी को बताया है कि 31 अगस्त को जारी नोटिफिकेशन में साफ है कि दिल्ली में चालान टु कोर्ट ही होगा, ऑन स्पॉट नहीं. मतलब चालान का भुगतान करने के लिए आपको कोर्ट ही जाना होगा.



(2) नील प्रताप सिंह आगे बताते हैं कि जब कोर्ट में जाएंगे तब ट्रैफिक पुलिस का एक रजिस्टर मिलेगा जिसमें चालान नंबर और गाड़ी नंबर के साथ दो ऑप्शन होंगे. मतलब साफ है कि अपराध कबूल करने और न करने वाला होगा. अपराध कबूल है तो तय रकम देनी होगी.



(3) अगर नहीं तो अदालत संबंधित पुलिस अधिकारी को आपके खिलाफ गवाह पेश करने के लिए कहेगी और कार्यवाही के आधार पर अपना आदेश सुनाएगी. जिस एरिया में आपका चालान कटा है, उसी इलाके की अदालत परिसर में ट्रैफिक कोर्ट होती है.



(4) नील प्रताप सिंह काटे गए चालान का विरोध करने से जुड़े ज्यादातर मामलों में पुलिस अपना केस साबित नहीं कर पाती. क्योंकि मोटर व्हीकल एक्ट में साफ कहा गया है कि चालान पर एक विटनेस का साइन जरूरी है और कई मामलों में ये साइन फर्जी पाए जाते हैं.

 

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First published: September 4, 2019, 6:18 PM IST
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