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5,000 अरब डालर की इकॉनमी बनने की दिशा में हम बढ़ रहे हैं आगे- वित्त मंत्री

भाषा
Updated: November 16, 2019, 10:04 AM IST
5,000 अरब डालर की इकॉनमी बनने की दिशा में हम बढ़ रहे हैं आगे- वित्त मंत्री
वित्त मंत्री ने कहा कि फिलहाल इस समय यही कहा जा सकता है कि आगे बढ़ रहे हैं.

विनिवेश के मुद्दे पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Niramala Sitharaman) ने कहा विभिन्न मंत्रालयों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. कुछ समय बाद चीजें अधिक स्पष्ट हो जायेंगी.

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  • Last Updated: November 16, 2019, 10:04 AM IST
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नई दिल्ली. देश दुनिया में आर्थिक मोर्चे पर जारी सुस्ती के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Niramala Sitharaman) ने शुक्रवार को कहा कि सरकार 5,000 अरब डालर (5 Trillion Dollar) की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे कदम बढ़ रही है और इस लक्ष्य को हासिल करने का पूरा प्रयास है.

सीतारमण ने अर्थव्यवस्था की स्थिति को लेकर पूछे गये सवालों के जवाब में कहा, 'स्थितियां सुधर रही हैं, इस समय केवल इतना कह सकती हूं कि हम आगे बढ़ रहे हैं. कुछ समय बाद आपको और बेहतर जानकारी मिल सकेगी. स्पष्ट रूप से कुछ समय बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकेगा.'

सरकार ने हाल ही में कारपोरेट कर में भारी कटौती की है जिससे उसके खजाने को 1.45 लाख करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान है. इसके अलावा सरकार ने आवासीय क्षेत्र और दूरसंचार क्षेत्र की कंपनियों बीएसएनएल, एमटीएनएल को भी करोड़ों रुपये के राहत पैकेज दिये हैं. इससे सरकार की वित्तीय स्थिति पर दबाव बढने का अनुमान व्यक्त किया जा रहा है.

सीतारमण ने कहा 2024- 25 तक भारत को 5,000 अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य है. इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है. चीजों की समीक्षा कर रहे हैं, कुछ सप्ताह में स्पष्ट तौर पर बता सकेंगे. उन्होंने विश्वास जताया कि नवंबर में माल एवं सेवाकर (जीएसटी) संग्रह बढ़ेगा.

 भविष्य के लिये निवेश योजनायें बना रहे हैं- मंत्री
कारपोरेट कर को 30 प्रतिशत से घटाकर 22 प्रतिशत किये जाने के सरकार के निर्णय के बाद निवेश गतिविधियां बढ़ने के बारे में पूछे जाने पर वित्त मंत्री ने कहा कि उद्योग जगत से इस बारे में काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है. वह भविष्य के लिये निवेश योजनायें बना रहे हैं. कई उद्योग नये निवेश की योजना पर काम कर रहे हें.

सरकार ने चालू वित्त वर्ष में विनिवेश के जरिये 1.05 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है. सार्वजनिक क्षेत्र की कई कंपनियों में सरकार अपनी हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है. एचपीसीएल में पूरी सरकारी हिस्सेदारी ओएनजीसी को बेचन के बाद अब बीपीसीएल में भी सरकार की पूरी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी है. इसके अलावा टीएचडीसी, नीप्को और शिपिंग कारपोरेशन आफ इंडिया का नाम भी विनिवेश सूची में है.यह भी पढ़ें: सीतारमण पर प्रियंका ने कसा तंज, कहा जब जागे तभी सवेरा

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First published: November 15, 2019, 11:30 PM IST
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