• Home
  • »
  • News
  • »
  • business
  • »
  • रिटेल और होलसेल व्यापारियों को मिला MSME का दर्जा, जानिए किस तरह से मिलेगी आर्थिक मदद

रिटेल और होलसेल व्यापारियों को मिला MSME का दर्जा, जानिए किस तरह से मिलेगी आर्थिक मदद

नितिन गडकरी (File pic)

नितिन गडकरी (File pic)

अब थोक और खुदरा व्‍यापारियों को प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग के तहत आसान लोन मिल सकेगा. सरकार के इस फैसले से करीब 2.5 करोड़ खुदरा और थोक व्‍यापारियों को फायदा होगा.

  • Share this:
    नई दिल्ली. सरकार ने देश के खुदरा और थोक व्यापारियों को एमएसएमई (MSME) का दर्जा दिया है. कोविड से पड़ने वाले असर को देखते हुए सरकार ने ये फैसला किया है ताकि एमएसएमई सेक्टर को मिलने वाली आर्थिक मदद का फायदा रिटेल और होलसेल कारोबारियों को भी मिले. सरकार के मुताबिक इससे करीब 2.5 करोड़ से ज्यादा व्यापारियों को फायदा होगा. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट कर यह जानकारी दी.

    गडकरी ने कहा कि कोविड की दूसरी लहर के चलते आई दिक्‍कतों से खुदरा और थोक व्यापारियों पर पड़े असर को ध्यान में रखते हुए अब इसे एमएसएमई के दायरे में लाने का फैसला किया गया है. प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग के तहत इस सेक्टर को लाकर आर्थिक सहायता पहुंचाने की कोशिश की जा रही है.

    प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग के तहत आसान लोन मिल सकेगा
    उन्होंने आगे कहा कि अब थोक और खुदरा व्‍यापारियों को प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग के तहत आसान लोन मिल सकेगा. सरकार के इस फैसले से करीब 2.5 करोड़ खुदरा और थोक व्‍यापारियों को फायदा होगा. अब खुदरा और थोक व्यापारी भी उद्यम पोर्टल रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे. इससे उन्‍हें आरबीआई के दिशा-निर्देशों के तहत बैंकों से प्राथमिक क्षेत्र से सस्‍ता कर्ज मिलना सुनिश्चित होगा.

    ये भी पढ़ें- Airtel Black लॉन्च, एक साथ चुका पाएंगे ब्रॉडबैंड, डीटीएच और मोबाइल सर्विसेज का बिल

    एमएसएमई सेक्टर को मिलेगी मदद, GAME ने SIDBI से मिलाया हाथ
    हाल ही में ग्लोबल अलायंस फोर मास एंटरप्रेन्योरशिप यानी गेम (GAME) और भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक यानी सिडबी (SIDBI) ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) की महामारी की वजह से पैदा हुई चुनौतियों से निपटने में मदद करने के लिए हाल ही में एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है. पिछले रविवार को जारी किए गए बयान में कहा गया कि साझेदारी में शामिल व्यापक विषयों में कर्ज की उपलब्धता को बढ़ाना, प्रतिस्पर्धात्मक समूहों का निर्माण करना, व्यापार करने में आसानी के लिए कानूनी संरचना में सुधार करना सहित अन्य आते हैं. इसमें कहा गया कि दोनों संगठनों ने प्रतिबद्धता जताई है कि साझेदारी से लाभान्वित होने वाले उद्यमियों में 25 फीसदी हिस्सा महिला उद्यमियों का होगा.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज