रेलवे का बड़ा कदम! इंजन और कोच निर्माण में MSME का लेगा सहयोग

इंडियन रेलवे
इंडियन रेलवे

केंद्र की मोदी सरकार ने ट्रेनों के इंजन और डिब्बों के निर्माण में सूक्ष्म, लघु एवं मंझोले उद्योगों (MSME) को आपूर्तिकर्ता बनने की अपील की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 31, 2020, 9:02 PM IST
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नई दिल्ली. ट्रेनों के कलपुर्जों और उपकरणों के निर्माण में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है. केंद्र की मोदी सरकार ने ट्रेनों के इंजन और डिब्बों के निर्माण में सूक्ष्म, लघु एवं मंझोले उद्योगों (MSME) को आपूर्तिकर्ता बनने की अपील की है. यहीं नहीं रेलवे (Railway) ने देश के एमएसएमई से कहा है कि वे रेलवे की संपत्तियों के संचालन और रख-रखाव के लिए भी आगे आए. भारतीय रेलवे ने ऐलान किया है कि वह इन सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमियों से सालाना 70 हजार करोड़ रुपये के मूल्य का सामानों की खरीद करेगा.

घरेलू निर्माताओं को बढ़ावा देने के लिए क्रय प्रणाली को दिया जाएगा प्रोत्साहन
हर एक सेक्टर में भारत ना सिर्फ आत्मनिर्भर बनने की राह पर है बल्कि यह वैश्विक बाजारों की मांग को पूरा करने के लिए तैयारी कर रहा है. रेलवे कलपुर्जों और उपकरणों के विनिर्माण का हब बने इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. ट्रेनों के इंजनों और डिब्बों के निर्माण में आपूर्तिकर्ता बनने के लिए रेलवे ने कुछ नियम और प्रावधान तय किए हैं ताकि घरेलू निर्माताओं को बढ़ावा दिया जा सके और क्रय प्रणाली को प्रोत्साहन मिल सके. मेक इन इंडिया नीति के तहत 50 फीसदी से अधिक स्थानीय सामग्री वाले आपूर्तिकर्ता ही अधिकांश वैगन, ट्रैक और एलएचबी डिब्बों के लिए निविदा के पात्र होंगे. वंदे भारत ट्रेन सेट्स में 75 फीसदी मेक इन इंडिया इलेक्ट्रिक सामान होंगे. कुल निविदा लागत के 25 फीसदी तक क्रय में 15 फीसदी क्रय प्राथमिकता दी जाएगी.

MSME के उद्यमियों के लिए रेलवे ने यह व्यवस्था भी की है
घरेलू उद्यमियों को व्यवसाय करने में सहजता को बढ़ावा देने के लिए रेलवे ने कई सुविधाएं दे रही है. रेलवे ने एमएसएमई के लिए धरोहर जमा राशि और सुरक्षा जमानत राशि जमा करने की शर्तों में छूट देने का फैसला किया है. रेलवे ने कहा कि अब नए अनुमोदन देने की जरूरत नहीं है. भारतीय रेल के किसी भी वेंडर अनुमोदन एजेंसी द्वारा किसी वस्तु के लिए वेंडर के अनुमोदन को अब पूरे रेलवे के लिए अनुमोदन माना जाएगा.



MSME को यहां करना होगा संपर्क
साल भर में रेलवे किन वस्तुओं की खरीद करेगा. इसकी पूरी सूची वेबसाइट www.ireps.gov.in और www.gem.gov.in पर उपलब्ध कराई गई है. इन्हीं वेबसाइटों पर घरेलू उद्यमी अपना पंजीकरण भी करा सकते हैं. इसके अलावा भारतीय रेलवे के प्रोडक्शन यूनिट्स के नोडल अधिकारियों से भी संपर्क साधा जा सकता है. इंटिग्रल कोच फैक्ट्री आईसीएफ चैन्नई, चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स चितरंजन, केंद्रीय रेल विद्युतिकरण संगठन प्रयागराज, आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना रायबरेली, डीजल लोकोमोटिव वर्क्स वाराणसी और रेल पहिया कारखाना बेंगलुरु में एक-एक नोडल अधिकारी तैनात होंगे जो एमएसएमई को फेसिलिटेट करेंगे.
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