ब्लैक फंगस के मरीजों को राहत, एमएसएन लैबोरेटरी ने पेश की दवा Posaconazole

ब्लैक फंगस  (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

ब्लैक फंगस (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

एमएसएन लैबोरेटरीज (MSN Laboratories) ने शुक्रवार को ब्लैक फंगस मरीजों के इलाज में उपयोगी पोसाकोनाजोल (Posaconazole) पेश किए जाने की घोषणा की.

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हैदराबाद. कोरोना वायरस की दूसरी लहर (2nd Wave Of Covid-19) कमजोर पड़ने के साथ ही एक अन्य घातक बीमारी कोविड मरीजों के बीच फैल रही है. देश में अब तक ब्लैक फंगस (Black Fungus) के 7 हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं. अब तक 200 से ज्यादा लोग इस बीमारी की वजह से जान गंवा चुके हैं. वहीं, एमएसएन लैबोरेटरीज (MSN Laboratories) ने शुक्रवार को ब्लैक फंगस या म्यूकरमाइकोसिस मरीजों के इलाज में उपयोगी पोसाकोनाजोल (Posaconazole) पेश किए जाने की घोषणा की. यह दवा फंफूदी नाशक ट्राइजोल श्रेणी की है.

कंपनी की बयान के अनुसार एमएसएन ने पोसा वन ब्रांड नाम से 100 एमजी में टैबलेट और 300 एमजी क्षमता में इंजेक्शन पेश किए हैं. इसे ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीजों के उपचार में उपयोगी पाया गया है.

दवा कंपनी ने कहा, ''एमएसएन के फंफूदी निरोधक दवाओं के क्षेत्र में अनुसंधान और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का यह नतीजा है. कंपनी ने अब अपने मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के जरिए इसे देश भर में मरीजों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है.''

पोसा वन को भारतीय औषधि महानियंत्रक यानी डीजीसीआई (Drug Controller General of India) से मंजूरी मिल गई है.
म्यूकरमाइकोसिस या फिर ब्लैक फंगस क्या है?

म्यूकरमाइकोसिस एक फंगल इन्फेक्शन है, जो उन लोगों में ज्यादा देखने को मिल रहा है, जिन्हें पहले से कोई बीमारी हो और जो वातावरण में मौजूद रोगाणुओं से लड़ने में अक्षम हों. ऐसे लोग जो पहले से किसी बीमारी से ग्रस्त हों, जिनकी वेरिकोनाज़ोल थेरेपी यानि किसी गंभीर फंगल इन्फेक्शन का इलाज चल रहा हो, जिनका डायबिटीज नियंत्रण में न हो, स्टेरायड देने की वजह से इम्यूनिटी पर असर हुआ हो और जो लंबे वक्त से आईसीयू में रहे हैं. उन्हें ये फंगल इन्फेक्शन जल्दी हो सकता है.

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