IPO में निवेश का मौका! MTAR टेक्नोलॉजीज का आज खुल गया आईपीओ, जानें इससे जुड़ी सभी जरूरी बातें

निवेशकों के पास निवेश का सुनहरा मौका

निवेशकों के पास निवेश का सुनहरा मौका

एमटीएआर टेक्नोलॉजीज (MTAR Technologies) का आईपीओ (IPO) बुधवार यानी आज 3 मार्च को ओपन हो गया है. निवेशकों के पास इस IPO में शुक्रवार (5 मार्च) तक निवेश करने का मौका है.

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  • Last Updated: March 3, 2021, 11:51 AM IST
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नई दिल्ली. एमटीएआर टेक्नोलॉजीज (MTAR Technologies) का आईपीओ (IPO) बुधवार यानी आज 3 मार्च को ओपन हो गया है. निवेशकों के पास इस IPO में शुक्रवार (5 मार्च) तक निवेश करने का मौका है. कंपनी प्राथमिक बाजार से 596.41 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है. बता दें कि MTAR विशेष इंजीनियरिंग उपकरण बनाती है. अगर ग्रे मार्केट में देखा जाए तो कंपनी के शेयरों की जबरदस्त डिमांड है. एमटीएआर अपने आईपीओ में 1,037 करोड़ शेयरों की बिक्री करने वाली है. 2021 में अब तक के बाजार में हिट होने वाला यह नौवां आईपीओ है.

जानिए कितना है इश्यू प्राइस बैंड- कंपनी ने इस इश्यू के लिए 574-575 रुपये का प्राइस बैंड रखा है. प्री-आईपीओ प्लेसमेंट के माध्यम से कंपनी पहले ही 100 करोड़ रुपये जुटा चुकी है. कंपनी IPO में 21.48 लाख फ्रेश शेयर जारी करेगी, जबकि ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए 82.24 लाख इक्विटी शेयर जारी होंगे.

कैसा है कंपनी का कारोबार- कंपनी न्यूक्लीयर, अंतरिक्ष, रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा सेगमेंट से जुड़े अहम और विशेष इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स का उत्पादन करती है. कंपनी के पास हैदराबाद में सात उत्पादन यूनिट्स हैं, जिसमें एक निर्यात आधारित है. एमटीएआर टेक्नोलॉजीज की ऑर्डर बुक में 48 फीसदी हिस्सेदारी रक्षा और अंतरिक्ष सेगमेंट की है. न्यूक्लीयर सेगमेंट से 28 फीसदी और स्वच्छ उर्जा से 24 फीसदी ऑर्डर बुक तैयार होती है. कंपनी की कमाई में ग्रोथ के पर्याप्त आसार हैं.



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ये हैं कंपनी के प्रमुख ग्राहक- कंपनी के प्रमुख ग्राहकों में इसरो, डीआरडीओ, राफेल, एनपीसीआईएल और ब्लूम एनर्जी जैसे नाम शामिल हैं. एमटीएआर अपने रेवेन्यू का बड़ा हिस्सा स्वच्छ ऊर्जा से जुटाती है. कंपनी अमेरिका की ब्लूम एनर्जी को सप्लाई करने वाली इकलौती इकाई है. दोनों के बीच नौ साल से कारोबार हो रहा है. रक्षा और अंतरिक्ष सेक्टर पर सरकार का विशेष जोर है, जिनमें निर्यात के अवसर खोजे जा रहे हैं. हाल ही में सरकार ने रक्षा सेक्टर में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा को 49 फीसदी से बढ़ाकर 74 फीसदी कर दिया है.
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