खाने के तेल की बढ़ती कीमतों को काबू करने के लिए एक्शन में आई सरकार, उठाया बड़ा कदम

सूत्रों की मानें तो तेलों की बढ़ती हुई कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार 3-4 विकल्पों पर विचार कर रही है.
सूत्रों की मानें तो तेलों की बढ़ती हुई कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार 3-4 विकल्पों पर विचार कर रही है.

सरसो (Sarso Tel) के साथ-साथ अन्य खाद्य तेलों की बढ़ती कीमतों को काबू करने के लिए केंद्र सरकार (Government of India ) एक्शन में आ गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 28, 2020, 1:39 PM IST
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नई दिल्ली. पहले आलू फिर प्याज और अब सरसों तेल की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की टेंशन बढ़ा दी है. त्योहारों के इस सीजन में कोरोना के साथ-साथ महंगाई भी आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ा रही है. लेकिन खाद्य तेलों की बढ़ती हुई कीमतों को लेकर ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स ने चिंता जताई है. CNBC आवाज़ के सूत्रों के मुताबिक ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स ने कीमतें काबू में करने के लिए कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. इसके लिए सरकार कई विकल्पों पर विचार कर रही है. तेलों की कीमतें पिछले साल के मुकाबले 30-35 फीसदी ज्यादा हैं. सरसों के तेल के भाव 160 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गए हैं.

30 फीसदी तक महंगे हुए खाना बनाने वाले तेल- पिछले 1 साल के अंदर दामों में 25 से 30 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है त्योहारी सीजन में भाव में और बढ़ोतरी होने की आशंका है. पिछले साल सरकार ने पाम ऑयल के आयात पर रोक लगा दी थी जिससे इस साल पाम ऑयल का आयात 14 फीसदी गिरा है जिसका असर भाव पर साफ दिख रहा है.

खाने के तेलों के बढ़ते भाव पर नजर डालें तो 2019 में इसी समय मूंगफली के तेल का भाव 140 प्रति किलो के आसपास था जो अभी 162 रुपये के आसपास है. 2019 में इसी समय सरसों के तेल का भाव 120 प्रति किलो के आसपास था जो अभी 160 रुपये के आसपास है.



2019 में इसी समय सोयाबीन के तेल का भाव 85 प्रति किलो के आसपास था जो अभी 103 रुपये के आसपास है. 2019 में इसी समय सनफ्लावर के तेल का भाव 89 प्रति किलो के आसपास था जो अभी 130 रुपये के आसपास है. 2019 में इसी समय पाम ऑयल का भाव 67 रुपये प्रति किलो के आसपास था जो अभी 98 रुपये के आसपास है.
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पिछले साल की तुलना में सोयाबीन ऑयल में करीब 18 रुपये की तेजी है. जबकि सनफ्लावर तेल के दाम 40 रुपये और पाम ऑयल के दाम 31 रुपये प्रति किलो तक बढ़े हैं. रही सही कसर FSSIA ने सरसों के तेल की ब्लेंडिंग पर रोक लगाकर कर दी. ब्लेंडिंग पर 1 अक्टूबर से रोक के बाद सरसों तेल के दाम काफी तेजी से बढ़े हैं. एक हफ्ते में कीमतों में 10 से 15 रुपये का इजाफा देखने को मिला है.

अब क्या करेगी सरकार- सूत्रों की मानें तो तेलों की बढ़ती हुई कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार 3-4 विकल्पों पर विचार कर रही है. पहले विकल्प के तहत STC और MMTC के जरिए तेलों का आयात करने पर विचार किया जा रहा है. STC और MMTC के लिए इंपोर्ट ड्यूटी कम की जा सकती है. सरकार टैरिफ को कुछ वक्त के लिए फ्रीज भी कर सकती है. आपको बता दें की सरकार हर 15 दिनों बाद टैरिफ की समीक्षा करती है.
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