आम आदमी की बढ़ी टेंशन! प्याज के बाद अब सरसों तेल की कीमतों में आ रही जोरदार तेजी, जानिए क्यों?

एक साल की बात करें तो सरसो का तेल 50 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है.
एक साल की बात करें तो सरसो का तेल 50 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है.

Mustard Oil (Sarso Tel ): 4 से 5 दिन में ही सरसो के तेल (Sarso Tel) पर 8 से 15 रुपये प्रति किलोग्राम तक दाम बढ़ चुके हैं. अगर बीते एक साल की बात करें तो सरसो का तेल 50 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 28, 2020, 1:31 PM IST
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नई दिल्ली. देशभर में इस वक्त प्याज की चर्चा ज़ोर शोर से हो रही है. देश के अलग-अलग हिस्सों में ब्याज 70 रुपये किलो से लेकर 100 रुपये तक बिक रही है. लेकिन सरसो के तेल (Mustard  Oil) की तरफ अभी किसी का ध्यान नहीं गया है. 4 से 5 दिन में ही सरसो के तेल (Sarso Tel) पर 8 से 15 रुपये प्रति किलोग्राम तक दाम बढ़ चुके हैं. अगर बीते एक साल की बात करें तो सरसो का तेल 50 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है. हाल फिलहाल इसके दाम काबू में आते हुए नज़र नहीं आ रहे हैं. ब्लेंडिंग का खत्म होना, सरसो का इस साल कम उत्पादन होना और तेलों के लिए बनी विदेशी नीति में कुछ बदलाव होने के चलते यह असर पड़ रहा है. लेकिन बीते 4 दिन पहले प्रति क्विंटल सरसो के दाम में 300 रुपये की तेजी आने के बाद तेल में फिर से उछाल आ गया है.

आपको बता दें कि सरकार ने सरसों तेल (Mustard Oil) में किसी अन्य तेल की मिलावट पर रोक लगा दी है. भारतीय खाद्य संरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा सरसों तेल में मिलावट (Blending mustard oil) पर लगाई गई रोक एक अक्टूबर से लागू हो गई. सरकार का कहना है कि इस फैसले से उपभोक्ताओं के साथ-साथ सरसों पैदा करने वाले किसानों को भी फायदा होगा.

एक ही साल में 50 रुपये तक महंगा हुआ सरसो का तेल -खुदरा तेल कारोबारी हाजी इलियास की मानें तो साल 2019 के अक्टूबर में सरसो का तेल 80 से 105 रुपये लीटर तक बिक रहा था. लेकिन जनवरी में पाम आयल पर लगी पाबंदियों के चलते एक लीटर सरसो के तेल के दाम 115 से 120 रुपये लीटर तक पहुंच गए. फिर लॉकडाउन लग गया. नई सरसो की फसल आई तो पैदावार कम हुई. वहीं दूसरी ओर एक अक्टूबर से FASSI ने सरसो के तेल में ब्लेंडिंग पर रोक लगा दी. दाम 10 से 15 रुपये लीटर तक बढ़ गए. लेकिन सरसो के दाम में बढ़ोतरी होते ही तेल के दाम में भी उछाल आ गया है. अगर ब्रांडेड सरसो के तेल के दाम की बात करें तो बाज़ार में 130 से 145 रुपये लीटर तक पहुंच चुके हैं.



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तेल में होने वाले सम्मिश्रण को कहते हैं ब्लेंडिंग-फूड इंस्पेक्टर रिटायर्ड केसी गुप्ता बताते हैं कि एक तय मात्रा के तहत सरसो के तेल में मिलाए जाने वाले दूसरे तेलों के सम्मिश्रण को ब्लेंडिंग कहते हैं. अभी तक सरसो के तेल में 20 फीसद तक ब्लेंडिंग होती थी. लेकिन सरकार ने इस पर रोक लगा दी है. इसके पीछे सरकार का तर्क है कि एक तो प्योर सरसो इस्तेमाल होने से सरसो की खपत बढ़ेगी. दूसरे यह कि कुछ लोग ब्लेंडिंग की आड़ में मिलावट का धंधा चला रहे थे.

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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने अगामी फसल वर्ष 2020-21 (जुलाई-जून) में 370 लाख टन तिलहनों के उत्पादन का लक्ष्य रखा है, जिसमें सरसों उत्पादन का लक्ष्य 93.36 लाख टन है. केंद्र सरकार ने सरसों का न्यूतम समर्थन मूल्य (MSP) 225 रुपये बढ़ाकर 4,650 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है.
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