म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने वालों के लिए बड़ी खबर: अब घटेगा खर्च, मिलेगा ज्यादा मुनाफा

शेयर बाजार रेग्युलेटर सेबी (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) ने म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की फीस स्ट्रक्चर में बदलाव किया है. इससे म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने वाले निवेशकों को फायदा होगा.

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  • Last Updated: September 19, 2018, 2:15 PM IST
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अगर आप म्यूचुअल फंड में पैसा लगाते है तो आपके लिए ये खबर बहुत महत्वपूर्ण है. शेयर बाजार रेग्युलेटर सेबी (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड)  ने म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की फीस स्ट्रक्चर में बदलाव किया है. इससे म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने वाले निवेशकों को फायदा होगा. लेकिन फंड हाउसों को इसका नुकसान हो सकता है.एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस फैसले से छोटे निवेशक को कुछ परेशानियां आ सकती है, क्योंकि कम फायदा होने पर डिस्ट्रीब्यूटर्स उनके पास नहीं जाना चाहेंगे.

सेबी का फैसला-सेबी ने म्युचुअल फंड में निवेश करने पर होने वाले कुल खर्च यानी मैक्सिमम टोटल एक्सपेंस रेश्यो (टीईआर) की सीमा तय कर दी है.अब 50 हजार करोड़ से ज्यादा संपत्ति वाले फंड हाउस के लिए टीईआर को 1.75 फीसदी से घटाकर 1.05 फीसदी कर दिया गया है. (ये भी पढ़ें-Paytm पर अगले महीने से खरीद पाएंगे ये स्कीम, जो देंगी बैंकों से ज्यादा मुनाफा)

क्यों बदला नियम- सेबी के चेयरमैन अजय त्यागी के अनुसार म्युचुअल फंड इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इसका पूरा लाभ निवेशकों को नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने जो कैलकुलेशन किया है, उसके मुताबिक टीईआर को कम करने से निवेशकों को 13000 करोड़ रुपये के रेवेन्यू पर करीब 1500 करोड़ रुपये की बचत होगी. वहीं, इससे फंड हाउसेज के मुनाफे में 12 फीसदी तक की कमी आ सकती है.



क्या होता है टीईआर-यह वो फीस होती है, जिसे निवेशकों का पैसा मैनेज करने करने के लिए फंड हाउस हर साल वसूलते हैं. (ये भी पढ़ें-इन 3 म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने वाले हुए मालामाल, आपके पास भी मौका)
म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने वालों को होगा फायदा- एक्सपर्ट्स का कहना है कि टीईआर को कम किया गया है, जिसका मतलब है कि निवेशकों का खर्च कम होगा. इससे उनका रिटर्न (मुनाफा) बढ़ जाएगा. साथ ही कैपिंग से म्युचुअल फंड इंडस्ट्री में पारदर्शिता और बढ़ेगी.

डिस्ट्रीब्यूटर्स को नुकसान-सेबी ने अग्रिम कमीशनों को रोक दिया है जो फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स को निवेशकों को फंड में पैसा लगाने के लिए मिलता है. यह क्लोज एंडेड इक्विटी स्कीम में कई बार बहुत हाई होता था. कुछ जगहों पर 1.25 फीसदी तक अग्रिम कमीशन था. तो वहीं कुछ जगह डिस्ट्रीब्यूटर्स सिर्फ ट्रेल कमिशन लेते थे. लेकिन इन्हें सिर्फ ट्रेल कमीशन मिलेगा जो 1 फीसदी के आस पास होगा.
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